Budget 2025 : टैक्स मुक्त पेंशन से लेकर 8वें वेतन आयोग के गठन तक, सरकारी कर्मियों ने की वित्त मंत्री से यह मांगें

Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को हाल ही में सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने एक पत्र भेजा, जिसमें बजट 2025 (Budget 2025) के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इस पत्र में प्रमुख रूप से टैक्स मुक्त पेंशन, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, और तत्काल प्रभाव से 8वें वेतन आयोग के गठन की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, निजीकरण के खिलाफ विरोध, नियमित भर्ती, और आवश्यक वस्तुओं, दवाओं तथा चिकित्सा बीमा पर जीएसटी की दरों में कटौती की भी अपील की गई है।
सरकारी कर्मचारियों के मन की बात: कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सरकार के बजट-पूर्व विचार-विमर्श में उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है। इन संगठनों का कहना है कि पिछले दशकों में ट्रेड यूनियनों के सुझावों को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। इस दौरान, श्रम सम्मेलन (आईएलसी) को आयोजित करने का एक दशक पूरा होने को है, लेकिन उसमें किए गए महत्वपूर्ण सुझावों को लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार के समक्ष उनकी आवाज सुनी जाए और उनके हितों को ध्यान में रखा जाए।
सरकार से अपेक्षाएं:
- टैक्स मुक्त पेंशन और ओपीएस की बहाली: कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन पर टैक्स नहीं लगना चाहिए और पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए।
- 8वें वेतन आयोग का गठन: कर्मचारियों ने 8वें वेतन आयोग की तत्काल स्थापना की मांग की है।
- निजीकरण का विरोध: कर्मचारियों ने सरकारी क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की अपील की है, खासकर बीएसएनएल, आरआईएनएल और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के निजीकरण को रोकने की मांग की है।
- सामाजिक सुरक्षा और पेंशन योजना: असंगठित श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना और पेंशन की राशि में वृद्धि की मांग की गई है।
संसाधन जुटाने के लिए सुझाव: सरकार से अपेक्षाएं हैं कि वह संसाधन जुटाने के लिए कॉर्पोरेट टैक्स और संपत्ति कर में वृद्धि करे। इसके साथ ही, सरकार को विरासत कर लागू करने पर विचार करना चाहिए, जिससे सामाजिक क्षेत्र जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य को अधिक फंड मिल सके।
वेतन पर आयकर छूट की सीमा बढ़ाना: कर्मचारियों ने वेतन पर आयकर छूट की सीमा को बढ़ाने की भी मांग की है, ताकि वेतनभोगी वर्ग को राहत मिल सके। इसके साथ ही, ईपीएफओ और ईएसआई के योगदान की सीमा में वृद्धि की मांग की गई है।
नौकरी की स्थिति में सुधार: कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकारी विभागों और पीएसयू में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए और ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर नियमित रोजगार प्रदान किया जाए। वे चाहते हैं कि समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए और विभिन्न अस्थायी योजनाओं जैसे अग्निवीर और आयुधवीर को बंद किया जाए।
कृषि और असंगठित श्रमिकों के लिए सुधार: कृषि श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार से पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के लाभ बढ़ाने की मांग की गई है। इसके अलावा, किसानों को बेहतर सुरक्षा देने के लिए 'किसान सम्मान योजना' में छोटे किसानों और श्रमिकों को शामिल करने की अपील की गई है।
सारांश: कर्मचारी संगठनों ने बजट 2025 में सरकार से टैक्स मुक्त पेंशन, ओपीएस की बहाली, 8वें वेतन आयोग का गठन, निजीकरण के खिलाफ कदम और असंगठित श्रमिकों के लिए बेहतर सुरक्षा की उम्मीद जताई है। साथ ही, सरकार से यह भी अपील की गई है कि वह समाज के निचले वर्ग के लिए आर्थिक राहत देने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
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