Gold Rate : भारत-पाक के टेंशन के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, जानें आपके शहर में क्या हैं आज के लेटेस्ट रेट्स

Gold Rate : भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार सुबह सोने की कीमत 841 रुपये यानी 0.86% घटकर 96,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। मंगलवार को यह 97,491 रुपये पर बंद हुआ था।
गौर करने वाली बात यह है कि मंगलवार को सोने में करीब 3% का उछाल देखा गया था, जो अब दबाव में आ गया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार यह गिरावट जियोपॉलिटिकल घटनाओं और वैश्विक आर्थिक संकेतों से प्रभावित है।
चांदी भी हुई सस्ती
सोने की तरह चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। MCX पर चांदी 251 रुपये यानी 0.26% गिरकर 96,450 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है। भारत की सैन्य कार्रवाई — ऑपरेशन सिंदूर, जिसमें पाकिस्तान और पीओजेके के 9 आतंकी ठिकानों को खत्म किया गया — इसके बाद से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
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स्पॉट गोल्ड 1.2% गिरकर 3,388.67 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
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यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में 0.7% की गिरावट आई और यह 3,397.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक वार्ता की संभावनाओं ने भी कीमती धातुओं की चमक को कुछ समय के लिए कम कर दिया है।
फेडरल रिजर्व की बैठक पर सबकी नजरें
बाजार की नजरें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हैं।
निवेशक यह जानना चाहते हैं कि फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल ब्याज दरों और मुद्रास्फीति पर क्या रुख अपनाते हैं। अगर दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोने की कीमतों में फिर से उछाल देखा जा सकता है।
रिलायंस सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के मुताबिक,
"अमेरिका की ओर से सकारात्मक कारोबारी संकेतों और स्विट्जरलैंड में व्यापारिक वार्ता की संभावना जैसे संकेत सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी ला सकते हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव अभी भी इसकी दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा कारक बना रहेगा।"
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर के चलते बढ़े तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, सोने और चांदी की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। अब अगला बड़ा फैसला फेडरल रिजर्व की पॉलिसी घोषणा होगी, जो इन कीमती धातुओं की चाल तय करेगा।
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