महाकुंभ में महिलाओं के निजी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने वाला गिरफ्तार, हुआ बड़ा खुलासा

गुजरात के अस्पतालों से महिलाओं के निजी वीडियो इंटरनेट पर साझा करने के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। साइबर अपराध शाखा ने शुक्रवार को इस खुलासे के साथ बताया कि इनमें से एक आरोपी, चंद्र प्रकाश, प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान महिलाओं के स्नान के वीडियो भी ऑनलाइन पोस्ट कर रहा था।
यूट्यूब चैनल के जरिए कर रहा था वीडियो अपलोड
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस ने जानकारी दी कि चंद्र प्रकाश ने 'सीपी मोंडा' (CP Monda) नाम से एक यूट्यूब चैनल बनाया था, जहां वह ये आपत्तिजनक वीडियो साझा करता था। अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस की उपायुक्त लवीना सिन्हा ने बताया कि चंद्र प्रकाश को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया, जबकि महाराष्ट्र के लातूर और सांगली से प्रज्वल तैली और प्रज पाटिल नामक दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
पैसे कमाने के लिए बेचे जा रहे थे निजी वीडियो
जांच में सामने आया कि आरोपी राजकोट के एक अस्पताल से महिला मरीजों के निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘टेलीग्राम’ पर पैसों के बदले साझा कर रहे थे।
पुलिस अधिकारी सिन्हा ने बताया कि प्रज्वल तैली और प्रज पाटिल ने एक हैकर की मदद से महिला मरीजों के आपत्तिजनक वीडियो हासिल किए थे। वहीं, चंद्र प्रकाश अन्य यूट्यूब चैनलों से वीडियो डाउनलोड कर अपने चैनल पर अपलोड करता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह भी इस सामग्री से आर्थिक लाभ कमा रहा था।
महाकुंभ के दौरान महिलाओं के वीडियो किए थे पोस्ट
इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि चंद्र प्रकाश ने प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान स्नान कर रही महिलाओं के वीडियो भी रिकॉर्ड कर अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए थे। पुलिस को संदेह है कि वह इन वीडियो को अधिक व्यूज और लाइक्स पाने के लिए साझा कर रहा था, जिससे उसे आय हो रही थी।
हालांकि, महाराष्ट्र के दोनों आरोपियों और चंद्र प्रकाश के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध अब तक नहीं मिला है, लेकिन तीनों के खिलाफ साइबर अपराध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।
अस्पताल के CCTV फुटेज से लीक हुए थे वीडियो
पुलिस की जांच में यह सामने आया कि वायरल हुए वीडियो राजकोट स्थित पायल मैटरनिटी होम के सीसीटीवी फुटेज से लीक किए गए थे। इन वीडियो में महिला मरीजों को अस्पताल के एक कमरे में महिला डॉक्टरों से जांच करवाते और नर्स से इंजेक्शन लेते हुए देखा गया था।
अब पुलिस अस्पताल प्रशासन से भी पूछताछ कर रही है कि सीसीटीवी फुटेज कैसे लीक हुए। इस साइबर अपराध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी संभव है, क्योंकि पुलिस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी हुई है।
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