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20 साल बाद पकड़े गए करोड़ों की हेराफेरी करने वाले दो भगोड़े, इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद हुई गिरफ्तारी

20 साल बाद पकड़े गए करोड़ों की हेराफेरी करने वाले  दो भगोड़े, इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद हुई गिरफ्तारी

नई दिल्ली: बीते दो दशकों से फरार चल रहे दो भगोड़ों को इंटरपोल के रेड नोटिस के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को थाईलैंड और अमेरिका से निर्वासित किया गया था, जिसके बाद उन्हें भारतीय हवाई अड्डों पर पहुंचते ही हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में तमिलनाडु का जनार्दन सुंदरम और गुजरात का वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल शामिल हैं, जो क्रमशः 87 करोड़ और 77 करोड़ रुपये की हेराफेरी के मामलों में वांछित थे।

थाईलैंड से निर्वासित होकर पकड़ा गया जनार्दन सुंदरम

जनार्दन सुंदरम पर पोंजी स्कीम के जरिए निवेशकों के 87 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप है। मामले में तमिलनाडु पुलिस ने सीबीआई से मदद मांगी थी, जिसके बाद 21 जून 2023 को इंटरपोल से उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया गया। 28 जनवरी 2025 को जब सुंदरम बैंकॉक पहुंचा, तो रेड नोटिस के आधार पर थाईलैंड सरकार ने उसे प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसके बाद भारतीय दूतावास, इंटरपोल और कोलकाता हवाई अड्डे के अधिकारियों के समन्वय से उसे भारत लाया गया। कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में तमिलनाडु पुलिस के हवाले कर दिया गया।

अमेरिका से निर्वासित होकर पकड़ा गया वीरेंद्रभाई पटेल

गुजरात पुलिस ने 20 साल से फरार वीरेंद्रभाई मणिभाई पटेल की गिरफ्तारी के लिए अहमदाबाद हवाई अड्डे के आव्रजन अधिकारियों के साथ मिलकर एक विशेष ऑपरेशन चलाया। पटेल पर आणंद के चारोतर नागरिक सहकारी बैंक में 77 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। वह बैंक का निदेशक था और उसके खिलाफ 2022 में मामला दर्ज किया गया था। इंटरपोल ने 3 मार्च 2004 को उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। आखिरकार, 29 जनवरी 2025 को अमेरिका से भारत लौटते ही अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया और गुजरात पुलिस को सौंप दिया गया।

इंटरपोल और सीबीआई की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता

सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, दोनों भगोड़ों की गिरफ्तारी इंटरपोल, सीबीआई, स्थानीय पुलिस और आव्रजन अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। इन गिरफ्तारियों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वर्षों से फरार चल रहे आरोपी भी कानून से बच नहीं सकते।