बशीरपुर गोलीकांड: पुलिस ने 132 लोगों को किया पाबंद, जमानत के लिए भरना होगा एक लाख तक का बांड

जौनपुर। बशीरपुर गोलीकांड मामले में गुरुवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जफराबाद क्षेत्र के दोनों पक्षों के कुल 132 लोगों को पाबंद कर उनकी चालानी रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय भेज दी।
गुरुवार को भारी पुलिस बल के गांव में पहुंचते ही बशीरपुर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने संबंधित लोगों को उनके घर जाकर नोटिस थमाए और सार्वजनिक स्थलों पर भी नोटिस चस्पा किए। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कैसे भड़का था विवाद?
बीते रविवार की शाम आवास सर्वे को लेकर दो राजनीतिक गुटों के बीच तनाव बढ़ गया था, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया। गोलीबारी में दो लोग घायल हुए, जबकि एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला किया गया। हालात काबू में रखने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की थी।
सोमवार सुबह विवाद फिर बढ़ गया, जब आरोपी रामहित के भाई रामजस की देशी शराब की दुकान खोलने पहुंचे गद्दीदार को देखकर स्थानीय लोग भड़क उठे। गुस्साई भीड़ ने ठेके के पीछे बने अर्धनिर्मित ढांचे में तोड़फोड़ की और मड़हे को आग के हवाले कर दिया। इस मामले में दुकान मालिक जयसिंह यादव की तहरीर पर पुलिस ने 60 लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
अब तीसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए जफराबाद पुलिस ने दोनों पक्षों के 132 लोगों को बीएनएसएस की धारा 126 के तहत एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर एक लाख रुपए तक के बांड पर पाबंद किया है।
गांव में इस कार्रवाई के बाद सनसनी फैल गई है। जफराबाद थाना प्रभारी जय प्रकाश यादव ने कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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