दाऊद इब्राहिम का गुरु सुभाष ठाकुर : BHU से जेल वापसी तक का सफर, 5 साल तक इलाज के नाम पर चलता रहा 'खेल'

वाराणसी। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) के गुरु माने जाने वाले सुभाष सिंह ठाकुर उर्फ बाबा (Subhash Thakur) को पांच साल के लंबे इंतजार के बाद फतेहगढ़ सेंट्रल जेल वापस भेज दिया गया। सुभाष ठाकुर, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहा है, 2019 से बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती था। इस दौरान वह बार-बार अपनी गंभीर बीमारियों का दावा करता रहा, लेकिन 12 डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर दिया।
90 के दशक का चर्चित माफिया
वाराणसी के नेवादा गांव का निवासी सुभाष ठाकुर 90 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का चर्चित नाम था। दाऊद इब्राहिम भी इसी दौरान उसके गिरोह का हिस्सा बना, जिससे सुभाष को दाऊद का गुरु कहा जाने लगा। हालांकि, 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद सुभाष और दाऊद के रास्ते अलग हो गए।
बीमारी का दावा और पांच साल का खेल
सुभाष ने 2019 में खुद को गुर्दे, पेट और आंखों की गंभीर बीमारियों से पीड़ित बताते हुए अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की पहल पर गठित डॉक्टरों के पैनल ने बताया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है। इसके बाद सुभाष को सोमवार शाम फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया।
जांच की मांग और एजेंसियों पर सवाल
सुभाष के पांच साल तक अस्पताल में रहने को लेकर सरकारी जेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सब मिलीभगत का नतीजा है। इस पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
माफिया से बाबा तक का सफर
सफेद कपड़ों और लंबी दाढ़ी के कारण सुभाष को लोग बाबा कहते हैं। मुंबई में वह बिल्डरों से वसूली, धमकाने और हत्याओं में शामिल रहा। उसका नाम 1992 के जेजे हॉस्पिटल शूटआउट और अन्य हाई-प्रोफाइल अपराधों में भी आया।
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