दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, शिक्षा की आड़ में चल रही थी हेरोइन तस्करी

Delhi News : दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी गिरोह (Delhi International Drug Racket) का भंडाफोड़ करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अफ्रीकी नागरिकों को उच्च शिक्षा के नाम पर भारत लाते थे और फिर उन्हें नशे की तस्करी में इस्तेमाल करते थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान युगांडा निवासी हम्फ्रे मुवोंग और नाइजीरिया के चुकवू एबुका उमेह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से लगभग 700 ग्राम हेरोइन जब्त की है, जिसकी बाजार में कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
अफ्रीकी सरगना देता था विदेश से निर्देश
पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि यह गिरोह अफ्रीका में बसे नाइजीरियाई नागरिक डागरी जीन मार्क के इशारों पर संचालित हो रहा था। मार्क ने अफ्रीकी नागरिकों को शिक्षा दिलवाने का झांसा देकर भारत बुलाना शुरू किया और फिर उन्हें नशीली दवाओं के धंधे में उतार दिया। माना जा रहा है कि वह पहले भारत में रह चुका है और दिल्ली के तिलक नगर इलाके में उसने ड्रग्स सप्लाई का एक मज़बूत नेटवर्क खड़ा कर लिया है।
छात्र वीजा का दुरुपयोग कर तस्करी का खेल
पुलिस के अनुसार यह गिरोह छात्र वीजा का दुरुपयोग करता था। अफ्रीकी युवाओं को दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के निजी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में दाखिले का लालच देकर बुलाया जाता था, लेकिन असल मकसद उन्हें ड्रग्स के धंधे में धकेलना होता था।
20 घंटे की निगरानी के बाद हुई गिरफ्तारी
तीन अप्रैल को दिल्ली के न्यू महावीर नगर स्थित कृष्णा पार्क एक्सटेंशन में 20 घंटे तक चले निगरानी अभियान के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान इनके पास से 700 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसे तस्करी के लिए तैयार किया गया था।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी डागरी जीन मार्क के निर्देशों पर काम कर रहे थे। हम्फ्रे मुवोंग पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर है और उसे 2023 में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। दोनों आरोपी 2019 से भारत में रह रहे थे।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए छानबीन जारी है।
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