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गजब का अंधविश्वास! मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए दे डाली 8 साल के मासूम की बलि, जानें पूरा मामला

गजब का अंधविश्वास! मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए दे डाली 8 साल के मासूम की बलि, जानें पूरा मामला

Lucknow News : लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 8 साल की बच्ची की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई ताकि आरोपी दंपती अपनी मर्दाना ताकत बढ़ा सकें और हमेशा जवान बने रहें। पुलिस के अनुसार, यह हत्या तंत्र-मंत्र के चलते हुई।

आरोपी महिला ने पति से कराया बच्ची का अपहरण

आरोपी महिला जुगनू ने अपने पति सोनू से 8 साल की बच्ची आराध्या को किडनैप करने के लिए कहा। तंत्र-मंत्र करने के बाद उसे यह बताया गया कि यदि किसी बच्चे की बलि दी जाए तो वह हमेशा जवान रहेगा। इसके बाद, महिला और उसके पति ने मिलकर बच्ची का अपहरण किया, पूजा की और फिर कलावे से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी।

शव नाले में फेंका

बता दें कि, बीते 1 फरवरी को बच्ची का शव नाले में पाया गया, जिसकी पहचान बाद में परिवार द्वारा की गई। पुलिस ने आरोपी महिला जुगनू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका पति सोनू डर के कारण पहले ही आत्महत्या कर चुका था। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी दंपती ने साइकिल का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया।

किडनैपिंग और हत्या के सबूत मिले साक्ष्यों से

पुलिस के अनुसार, एक चूड़ी के डिब्बे की रस्सी ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। शव को बांधने में इस्तेमाल की गई रस्सी वही थी जो सोनू की साइकिल पर बंधी हुई पाई गई थी। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में भी सोनू और बच्ची के बीच बातचीत और उसके बाद सोनू को बच्ची के पीछे जाते हुए देखा गया।

पुलिस जांच में हत्यारे की शिनाख्त

पुलिस ने घटना से जुड़ी कई अहम जानकारी जुटाई, जिसके बाद जुगनू ने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी दंपती ने बच्ची की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।

आराध्या के पिता छोटेलाल ने बताया कि उनकी बेटी 100 रुपये रोज की आरडी में जमा करती थी और पॉलीथिन पैकेट बनाकर सब्जी बेचती थी। उसकी कमाई से 100 रुपए रोज हम लोग आरडी में जमा करते थे। बाकी के बचे पैसे से घर खर्च चलता था।

उन्होंने आगे बताया, 23 जनवरी की शाम हर रोज की तरह बेटी अराध्या घर से टोकरी में सब्जी लेकर निकली थी। उसके बाद वापस नहीं लौंटी। रात 10 बजे तक तलाश की गई। कोई सुराग नहीं मिला, तो रात करीब 11 बजे हम लोगों ने थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस पर लगाया आरोप

पिता ने आगे कहा, जब पुलिस को घटना की जानकारी दी गई, तभी से अगर तलाशी के लिए जुट जाती तो बेटी को बचाया जा सकता था। क्योंकि, उसको घर के 200 मीटर के दायरे में ही किडनैप किया गया था। वहीं, पुलिस का कहना है कि घर से घटनास्थल तक 300 सीसीटीवी खंगाले गए। बच्ची की हत्या कर शव फेंकने वाले नहीं दिखे।

जानवर चराने वालों ने देखा था शव

बच्ची का शव सबसे पहले जानवर चराने वाले खाले पुरवा निवासी शिव विकास, पंकज राजपूत, शक्तिमान राजपूत ने देखा था। इसके बाद यह बात इलाके में फैल गई। शव मिलने की जानकारी पर भूड़ पुरवा में रहने वाली आराध्या की बुआ गुड़िया मौके पर पहुंची। उन्होंने शव की पहचान की। बाद में माता-पिता ने बच्ची के कपड़ों से उसकी शिनाख्त की।

हत्यारों ने बेरहमी से मारा, लाल टी-शर्ट पहनाई

आराध्या की मां सीमा का कहना है कि मेरी बेटी जो कपड़े पहनी थी, उसी कपड़े में मिली। सिर्फ ऊपर से लाल टी-शर्ट पहनाई गई थी। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। इससे साफ है कि उसको बंधक बनाकर रखा गया था। जब हत्यारों को लगा कि बेटी उनकी करतूत से बचने पर बता देगी तो उसे मार डाला। कुछ दिन पहले उसके कान छिदवाए थे। नई माला खरीदी थी। लाश पर वह माला और कान की बाली भी नहीं मिली।

इस मामले ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है, और पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार करने के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है।