किरायेदारी विवाद में ट्रिपल मर्डर : पिता और दो बेटों की हथौड़े-रॉड से सिर कूंचकर हत्या, पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष समेत चार पर मुकदमा

जौनपुर। जफराबाद थाना क्षेत्र के कचगांव अंडरपास के पास रविवार की रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक ही परिवार के तीन लोगों – पिता और उनके दो बेटों – की निर्मम हत्या कर दी गई। सभी के सिर पर रॉड और हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतारा गया। हत्या की वजह किरायेदारी का पुराना विवाद बताया जा रहा है, जिसमें राजनीतिक रंजिश और प्रेम प्रसंग की कड़ियाँ भी जुड़ी हैं।
पुलिस ने इस सामूहिक हत्या के मामले में पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर, उनके बेटे गोलू, दामाद नागमणि और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। सिर कूंचकर की गई हत्या, हथियार बरामद घटना रविवार की रात की है। नेवादा अंडरपास के पास लालजी भइया इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रिकल्स नामक कारखाने में लालजी (55) अपने दोनों बेटों गुड्डू (33) और यादवीर (25) के साथ काम कर रहे थे। देर रात तक घर न लौटने पर गुड्डू की पत्नी सरिता देवी को आशंका हुई। जब फोन पर संपर्क नहीं हुआ तो उन्होंने अपने भाई देवेंद्र को हालचाल लेने भेजा।
सोमवार सुबह जब देवेंद्र कारखाने पहुंचे तो अंदर का मंजर देख सन्न रह गए। तीनों की लाशें खून से लथपथ पड़ी थीं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और हथौड़ा व रॉड बरामद किए गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सीसीटीवी की डीवीआर भी उखाड़ी, साजिश का संकेत घटना के बाद हमलावर सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी उखाड़कर साथ ले गए। इससे साफ है कि हत्या की योजना सुनियोजित थी।
मौके पर पहुंचे सीओ सिटी देवेश सिंह, थानाध्यक्ष जफराबाद जयप्रकाश यादव व अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। उच्चाधिकारी भी अलर्ट हो गए। सुबह 11 बजे तक एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण घटनास्थल पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। आरोपियों में पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष शामिल, दो गिरफ्तार गुड्डू की पत्नी सरिता देवी की तहरीर पर पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष पलटू राम नागर, उनके पुत्र गोलू, दामाद नागमणि और एक अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ कुमार ने बताया कि पलटू राम और नागमणि को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गोलू की तलाश जारी है। उसके ऊपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। लापरवाही पर पुलिसकर्मी निलंबित घटना के बाद कार्रवाई करते हुए जफराबाद के थानाध्यक्ष जयप्रकाश यादव, हल्का प्रभारी धनुषधारी पांडेय और सिपाही रामनरेश को निलंबित कर दिया गया है। मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने आठ टीमें गठित की हैं। किरायेदारी का विवाद,
प्रेम प्रसंग भी बना वजह
लालजी वर्ष 2018 में पलटू राम के मकान में किराये पर कारखाना चलाते थे। दोनों के बीच किराया को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में कोर्ट तक पहुँच गया। इसी दौरान लालजी के बेटे गुड्डू और पलटू राम की बेटी के बीच प्रेम संबंध हो गए। पिछले वर्ष गुड्डू ने उसे भगा ले जाने का मामला भी दर्ज हुआ था। तब से दोनों परिवारों में तनातनी और बढ़ गई थी। अंतिम संस्कार में दिखा गुस्सा और ग़म सोमवार शाम 7:30 बजे तीनों शवों का अंतिम संस्कार रामघाट पर किया गया। मुखाग्नि लालजी के तीसरे बेटे जिलाजीत ने दी, जो हत्या के समय जेल में बंद था और पैरोल पर अंतिम संस्कार के लिए लाया गया था। इस दौरान मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था।
गुस्साए परिजनों ने तीन बार हाईवे जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने समझाकर उन्हें शांत किया।
पुलिस अधीक्षक बोले:
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ कुमार ने बताया कि यह एक पूर्व नियोजित हत्या है। किरायेदारी के पुराने विवाद और अन्य निजी दुश्मनी के चलते यह हमला किया गया है। हथियारों में रॉड और हथौड़ा का प्रयोग हुआ है, कोई धारदार हथियार नहीं मिला है। जांच तेजी से की जा रही है।
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