Ram Mandir Pran Pratishtha: माता सीता संग विराजे राजाराम, सीएम योगी ने की राम दरबार सहित आठ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा

अयोध्या। गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर रामनगरी अयोध्या ने अपने धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ लिया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में राम दरबार सहित आठ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) का शुभ अनुष्ठान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
यह भव्य कार्यक्रम गुरुवार को सुबह 11:25 से 11:40 बजे तक सिद्ध योग में आयोजित किया गया, जबकि पूजा-अनुष्ठान की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 6 बजे से हो गई थी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और हवन की दिव्य सुगंध से मंदिर प्रांगण एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम दरबार की मूर्ति से आवरण हटाया, सभी देव विग्रहों का अभिषेक किया और राजा राम का आभूषणों से भव्य श्रृंगार कर श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। इस अवसर पर अयोध्या के प्रमुख संतों, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, संघ और विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
सज गया राम दरबार
राम मंदिर के प्रथम तल पर स्थापित राम दरबार की मूर्ति अपने आकार और कला के कारण विशेष महत्व रखती है।
सिंहासन समेत राम-सीता की प्रतिमा लगभग सात फीट ऊंची है।
हनुमान और भरत की मूर्तियां बैठी मुद्रा में हैं, जिनकी ऊंचाई 2.5 फीट है।
लक्ष्मण और शत्रुघ्न की प्रतिमाएं खड़ी मुद्रा में तीन फीट ऊंची हैं।
यह मूर्तियां न केवल धर्म का प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय स्थापत्य कला की मिसाल भी पेश करती हैं। मूर्तिकार सत्य नारायण पांडेय के अनुसार, इन्हें बनाने में 40 साल पुराने संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है, जो मजबूती और चमक दोनों में अद्वितीय है। यह पत्थर समय के साथ और अधिक निखरता है और हज़ार वर्षों तक सुरक्षित रह सकता है।
आयोजन की अद्भुत तैयारियां
गुरुवार को यज्ञमंडप में देवताओं का विशेष पूजन हुआ। सुबह 9 बजे अन्नाधिवास, फिर हवन और उसके बाद दोपहर में सभी देव विग्रहों का विधिवत अभिषेक किया गया। दोपहर 2 बजे से उत्सव विग्रहों ने चांदी की पालकियों पर मंदिर परिसर का भव्य भ्रमण किया।
मुख्यमंत्री योगी कार्यक्रम से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भी गए और रामकथा पार्क में जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।
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