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Pariksha Pe Charcha 2025 : ज्यादा दादागिरी मत करना... PM मोदी ने बच्चों को सुनाया बचपन का मजेदार किस्सा, दिए एग्जाम प्रेशर कम करने के 'मैजिकल टिप्स'


Pariksha Pe Charcha 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पर चर्चा' (Pariksha Pe Charcha) कार्यक्रम के दौरान छात्रों से संवाद किया और परीक्षा से जुड़े स्ट्रेस को कम करने के लिए अहम सुझाव दिए। इस दौरान उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली, सही खान-पान और मानसिक मजबूती पर जोर दिया। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों को भी कई टिप्स दिए। आइए जानते है कि पीएम मोदी ने आज परीक्षा पर चर्चा में छात्रों को क्या-क्या बताया।


Pariksha Pe Charcha : सूर्य स्नान और पोषण से बढ़ेगी ऊर्जा

पीएम मोदी ने सूर्य स्नान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सुबह की धूप में बैठना बेहद लाभकारी होता है। उन्होंने सलाह दी कि शरीर के अधिक से अधिक हिस्से को धूप लगने देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने संतुलित आहार लेने पर जोर दिया और कहा कि भोजन में गेहूं, बाजरा, चावल और मोटे अनाज को शामिल करना चाहिए।


क्रिकेट से सीखें जीवन प्रबंधन

प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को क्रिकेट से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, "जैसे बल्लेबाज मैदान में दर्शकों की बातों को नजरअंदाज कर अपनी रणनीति के अनुसार खेलता है, वैसे ही छात्रों को भी परीक्षा के समय दूसरों की बातों का दबाव लिए बिना अपनी क्षमता पर ध्यान देना चाहिए।"


एग्जाम प्रेशर को कम करने के लिए अपनाएं ये उपाय

परीक्षा के दौरान कई छात्रों को तनाव, थकान और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इस पर पीएम मोदी ने सुझाव दिया कि –

असफलताओं से सीखें और उन्हें सुधारने पर ध्यान दें।
अच्छी नींद लें, क्योंकि पर्याप्त आराम से एकाग्रता और याददाश्त बेहतर होती है।
भोजन को 32 बार चबाकर खाएं ताकि पाचन सही रहे।
पानी चाय की तरह चुस्कियों में पीएं, न कि एक बार में गटगटाकर।
धूप में कुछ समय बिताएं, इससे शरीर को ऊर्जा और विटामिन D मिलता है।


लीडरशिप और आत्मविश्वास का महत्व

पीएम मोदी ने नेतृत्व क्षमता पर चर्चा करते हुए कहा कि लीडरशिप थोपी नहीं जाती, बल्कि अपने आचरण से अर्जित की जाती है। उन्होंने कहा, "यदि लोग आप पर विश्वास करते हैं, तो वे आपको अपना नेता मानते हैं।"


अभिभावकों और शिक्षकों के लिए पीएम की सलाह

पीएम मोदी ने माता-पिता और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखें। उन्होंने एक कहानी सुनाते हुए कहा, मुझे याद है मेरी मुलाकात अहमदाबाद में एक बच्चे से हुई थी। उसके माता-पिता ने मुझे चिट्ठी लिखी थी कि मेरे बच्चे को स्कूल से निकाला जा रहा हैं। कहते हैं कि वो क्लास में ध्यान नहीं देता है। मजा ये हुआ कि उस स्कूल में बाद में अटल टिंकरिंग लैब शुरू हुआ। नतीजा ये कि वो बच्चा ज्यादा समय टिंकरिंग लैब में टाइम बिताता। रोबोट की कंपटिशन हुई और वो स्कूल वाले उसमें नंबर 1 आ गए। क्यों? उसी बच्चे ने बनाया। यानी उसके पास कोई विशेष ताकत है। टीचर का काम है कि उसकी उस ताकत को पहचानें।' पीएम ने शिक्षकों और अभिभावकों को सलाह दी कि:

📌 बच्चों को किताबों के बोझ से न दबाएं, उन्हें खुला वातावरण दें।
📌 हर छात्र की विशेष प्रतिभा होती है, शिक्षकों को उसे पहचानने का प्रयास करना चाहिए।
📌 बच्चों की तुलना न करें, बल्कि उन्हें प्रेरित करें।


लिखने की आदत डालें

पीएम मोदी ने कहा कि लिखने की आदत डालने से विचारों को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि नियमित रूप से लिखने की प्रैक्टिस करें, इससे परीक्षा के दौरान उत्तर जल्दी और सटीक लिखने में मदद मिलेगी।


समय प्रबंधन से मिलेगा सफलता का मंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि समय का सही उपयोग करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि –

24 घंटे का सही इस्तेमाल करें, बेकार की बातों में समय न गवाएं।
📌 हर दिन की टू-डू लिस्ट बनाएं और कार्यों की समीक्षा करें।
📚 प्रिय विषयों के साथ कमजोर विषयों को भी समय दें, ताकि सभी विषयों में संतुलन बना रहे।


डिप्रेशन और एंग्जायटी से बचने का तरीका

पीएम मोदी ने कहा कि अपनी समस्याओं को दूसरों के साथ साझा करें। उन्होंने इसे कुकर के सीटी सिद्धांत से समझाया – "अगर कुकर में प्रेशर नहीं निकलेगा, तो वह फट जाएगा। इसी तरह, अगर हम अपनी भावनाओं को दबाएंगे, तो वे एक दिन विस्फोट कर सकती हैं।"


बोर्ड एग्जाम का डर कैसे दूर करें?

प्रधानमंत्री ने कहा कि परीक्षा का दबाव परिवार और समाज से अधिक आता है। उन्होंने माता-पिता को सुझाव दिया कि –

✔ बच्चों की इच्छाओं और क्षमताओं को समझें
हर छात्र को डॉक्टर-इंजीनियर बनाने की अपेक्षा न रखें
टीचर छात्रों की तुलना न करें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें।


खुद से मुकाबला करें, दूसरों से नहीं

पीएम मोदी ने कहा कि खुद की तुलना अपने पिछले प्रदर्शन से करें। उन्होंने कहा – "यदि आप केवल अपने से कमजोर व्यक्ति से प्रतिस्पर्धा करेंगे, तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। खुद से प्रतिस्पर्धा करने से आत्मविश्वास मजबूत होता है।"


फेल होने का डर छोड़ें, असफलता से सीखें

प्रधानमंत्री ने कहा कि असफलता को शिक्षक मानें। उन्होंने कहा – "जीवन सिर्फ परीक्षा के अंकों से नहीं चलता, बल्कि अपने हुनर और मेहनत से आगे बढ़ता है।"


एक घंटे में सफलता के मंत्र

'परीक्षा पर चर्चा' कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने छात्रों के सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और करियर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। अंत में उन्होंने छात्रों को परीक्षा की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "अपने आत्मविश्वास पर भरोसा रखें और सफलता की ओर बढ़ते रहें!"। निकलते-निकलते बच्चों से मजाकिया अंदाज में कहा- 'ज्यादा दादागिरी मत करना। कि हमारी डायरेक्ट पहचान है।'