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पूर्वांचल विश्वविद्यालय के गेस्ट शिक्षकों का गंभीर आरोप, कॉपी छीने जाने और पैसे लेकर मूल्यांकन कराने का दावा

purvanchal university

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के बाबा साहब देवरस केंद्रीय मूल्यांकन भवन में चल रहे मूल्यांकन कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ाने वाले गेस्ट शिक्षकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठने लगी है।

संकाय भवन में कार्यरत गेस्ट शिक्षक डॉ. मारुति सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. विवेक कुमार सिंह, डॉ. दीपक और डॉ. विजय कुमार पांडे ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मूल्यांकन भवन में न सिर्फ विश्वविद्यालय की परीक्षाओं, बल्कि कुछ संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाओं का मूल्यांकन भी कराया जा रहा है। इस मूल्यांकन कार्य का समन्वयक टीडी कॉलेज के शिक्षक डॉ. हरिओम त्रिपाठी को बनाया गया है।

गेस्ट शिक्षकों का कहना है कि उनके पास कुलपति द्वारा जारी वह पत्र मौजूद है, जिसमें विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों की परीक्षाओं के मूल्यांकन कार्य में गेस्ट शिक्षकों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आदेश के आधार पर वे पिछले तीन वर्षों से लगातार मूल्यांकन कार्य करते आ रहे हैं और अब तक कभी इस तरह की समस्या सामने नहीं आई।

आरोप है कि इस बार उन्हें केवल दो दिन तक ही मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं दी गईं। तीसरे दिन जब वे दोबारा केंद्रीय मूल्यांकन भवन पहुंचे तो कोऑर्डिनेटर ने उनसे कॉपियां छीन लीं और यह कहकर लौटा दिया कि बाद में बुलाया जाएगा। शिक्षकों का आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार किया गया।

गेस्ट शिक्षक डॉ. दीपक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोऑर्डिनेटर द्वारा अपने चहेते शिक्षकों को 500 रुपये लेकर मूल्यांकन के लिए कॉपियां दी जा रही हैं, जबकि नियमित रूप से कार्य करने वाले गेस्ट शिक्षकों को जानबूझकर अलग किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ है और इससे विश्वविद्यालय की साख को नुकसान पहुंच रहा है।

वहीं, आरोपों पर कोऑर्डिनेटर डॉ. हरिओम त्रिपाठी ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ उत्तर पुस्तिकाएं गलत मूल्यांकन के चलते वापस ली गई थीं। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि संबंधित शिक्षकों को अगले दिन फिर से मूल्यांकन के लिए बुलाया गया है और किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया।

मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई है। आरोपों की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मूल्यांकन कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।