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बाराबंकी से शुरू हुई फीचर फिल्म 'Drop Out' की शूटिंग, शिक्षा और जीवन संघर्ष पर है आधारित

Drop out

बाराबंकी: अहमदाबाद स्थित प्रोडक्शन हाउस सिरीन फिल्म्स ने शुक्रवार को अपनी पहली हिंदी फीचर फिल्म "ड्रॉप आउट" की शूटिंग का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पारंपरिक मुहूर्त शॉट के साथ किया। ऐतिहासिक गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, बाराबंकी में आयोजित इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने फिल्म की शुरुआत को शुभकामनाएं दीं।

ग्रामीण पृष्ठभूमि और युवा संघर्षों की कहानी

फिल्म "ड्रॉप आउट" एक प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से संघर्षरत ग्रामीण छात्र की कहानी है, जो शैक्षणिक दबावों के चलते पढ़ाई छोड़ने का साहसी निर्णय लेता है। फिल्म उस युवक के आंतरिक संघर्षों, सामाजिक दबावों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को गहराई से छूती है। कहानी यह भी दर्शाती है कि कैसे एक महिला मित्र की सहानुभूति और एक सहायक परिवार, उस युवक की जिंदगी का रुख बदल सकते हैं।

Drop

दमदार कलाकारों की टोली

फिल्म में पहली बार प्रमुख किरदार में नजर आएंगे खुद निर्माता और लेखक उमाशंकर यादव। उनके साथ फिल्म में डिजिटल इन्फ्लुएंसर तनुष्का शर्मा अपनी पहली मुख्य भूमिका निभा रही हैं। वहीं सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता राजेंद्र गुप्ता और मुश्ताक खान भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखेंगे। थिएटर से आए उदय सिंह अपने प्रभावशाली अभिनय से ग्रामीण पृष्ठभूमि को जीवंत बनाएंगे।

निर्देशन और निर्माण टीम

फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं ओमकार पेतकर, जो पटकथा और संवाद लेखक की भूमिका भी निभा रहे हैं। इंद्रजीत कुमार छायांकन की कमान संभाल रहे हैं, जबकि विवेक यादव बतौर एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर और कास्टिंग डायरेक्टर फिल्म की गुणवत्ता और प्रामाणिकता को सुनिश्चित कर रहे हैं।

सामाजिक सरोकार से जुड़ा सिनेमा

निर्माता उमाशंकर यादव ने कहा, "हमारी कोशिश है कि समाजिक मुद्दों को कहानी के ज़रिए जनता तक पहुँचाया जाए। 'ड्रॉप आउट' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक संदेश है, कि जीवन की दूसरी शुरुआत भी की जा सकती है, बशर्ते हम अपने सपनों का पीछा करना न छोड़ें।"

सिरीन फिल्म्स की यह पहली फिल्म है, जो न केवल मनोरंजन प्रदान करेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी।

रिलीज़ की उम्मीद

"ड्रॉप आउट" की शूटिंग बाराबंकी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में की जाएगी। फिल्म के साल के अंत तक रिलीज़ होने की उम्मीद है। यह फिल्म उन सभी छात्रों और युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनेगी, जो जीवन में नई दिशा की तलाश कर रहे हैं।

इस शुभ मौके पर प्रसिद्ध कवि और समाजसेवी प्रदीप सारंग, जीआईसी बाराबंकी के प्राचार्य राधेश्याम, व्याख्याता सुशील द्विवेदी, कॉलेज सहायक कृष्णलाल, फिटनेस मेंटर असद शाजिद, और हरख फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के निदेशक वीरेंद्र वर्मा जैसे गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।