1. Home
  2. स्वास्थ्य

Covid 19 : भारत में तेजी से बढ़ रहा कोरोना, एक्टिव मरीजों की संख्या 3000 के पार, इस राज्य में सबसे ज्यादा संक्रमित

Covid-19 JN.1 Variant

  1. एक्टिव मामलों की संख्या 3000 पार
  2. सबसे अधिक मामले केरल में मिले
  3. महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात भी आगे

Covid 19 Cases In India : भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। हर दिन संक्रमितों की संख्या नए रिकॉर्ड बना रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक देश में एक्टिव कोविड केस की संख्या 3,758 हो चुकी है, जो कि पिछले सप्ताह की तुलना में 1200% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।

कोरोना के फैलाव में फिर तेजी

 

1 जून को स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में 3,758 एक्टिव केस दर्ज किए गए हैं। बीते शुक्रवार और शनिवार को कोरोना से 4 लोगों की मौत की भी पुष्टि हुई है। इस साल 1 जनवरी 2025 से अब तक कोविड से कुल 28 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा केस?

 

  • केरल सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य है, जहां 1,400 से अधिक एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटों में यहां 64 नए मरीज मिले हैं।

  • महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक भी तेजी से बढ़ते मामलों की सूची में हैं।

  • कर्नाटक और केरल में एक-एक मौत कोविड संक्रमण के चलते हुई है।

 

किस वजह से बढ़ रहे हैं मामले?

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट में हुए नए म्यूटेशन की वजह से यह उछाल देखने को मिल रहा है। इस सब-वेरिएंट की वजह से वायरस अधिक तेजी से फैल रहा है, लेकिन इसके लक्षण अब तक ज्यादा गंभीर नहीं दिखे हैं।

फिलहाल घबराने की नहीं है जरूरत

ICMR के प्रमुख डॉ. राजीव बहल का कहना है कि, “इस बार स्थिति उतनी गंभीर नहीं है जितनी कि पहले थी। पहले केस दो दिन में डबल हो जाते थे, लेकिन अभी संक्रमण की रफ्तार धीमी है। फिलहाल घबराने की नहीं, बल्कि सतर्क रहने की ज़रूरत है।”

क्या रखें सावधानी?

  • भीड़भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनें

  • हाथों की सफाई बनाए रखें

  • सर्दी-खांसी या बुखार जैसे लक्षणों पर डॉक्टर से संपर्क करें

  • बुजुर्ग और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग विशेष सावधानी बरतें


हालांकि कोरोना की वापसी इतनी आक्रामक नहीं है, लेकिन अचानक आए उछाल को हल्के में नहीं लेना चाहिए। सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं, और नागरिकों को भी ज़रूरी एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।