आयुष्मान कार्ड से जुड़ी जरुरी अपडेट, ये नहीं किया तो इलाज कराना होगा मुश्किल, नहीं ले पाएंगे फायदा

क्यों जरूरी हुई दोबारा KYC?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने आयुष्मान कार्ड बेनिफिशियरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS) लागू कर दिया है। हाल के महीनों में आयुष्मान कार्ड के जरिए फर्जी तरीके से इलाज और बिलिंग के कई मामले सामने आए हैं। जांच में यह पाया गया कि कुछ जगहों पर योजना का गलत इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है।
61,932 कार्ड धारक जांच के दायरे में
प्रारंभिक जांच में करीब 61,932 आयुष्मान कार्ड धारकों को संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है। इनकी जांच जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन अधिकारियों द्वारा की जा रही है। अगर जांच के दौरान किसी तरह की अनियमितता या अपात्रता पाई जाती है, तो संबंधित कार्ड रद्द किए जा सकते हैं।
नए कार्ड और सदस्य जोड़ने पर अस्थायी रोक
मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्चना वर्मा के अनुसार, सभी जिलाधिकारियों को संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, फिलहाल आयुष्मान कार्ड में नए सदस्यों को जोड़ने और नए कार्ड बनाने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
लाभ पाने के लिए क्या करें कार्ड धारक?
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निर्धारित समय में KYC प्रक्रिया पूरी करें
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सही और वैध दस्तावेज उपलब्ध कराएं
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किसी भी सूचना में बदलाव होने पर संबंधित विभाग को अपडेट दें
योजना का उद्देश्य
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। यह देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है। दोबारा KYC का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी भी तरह की धोखाधड़ी पर रोक लगे।
सलाह: अगर आप आयुष्मान कार्ड धारक हैं, तो जल्द से जल्द अपनी KYC पूरी कर लें, ताकि भविष्य में इलाज के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
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