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किसी ने गोली के घाव पर मरहम पट्टी बताया, तो किसी ने नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को, जानें अखिलेश से लेकर राहुल तक किसने बजट पर क्या कहा

किसी ने गोली के घाव पर मरहम पट्टी बताया, तो किसी ने नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को, जानें अखिलेश से लेकर राहुल तक किसने बजट पर क्या कहा

Reaction Of Opposition Leaders On Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को केंद्रीय बजट 2025 पेश किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। बजट (Budget 2025) में करदाताओं को राहत, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और मूलभूत सुविधाओं के लिए योजनाएं शामिल थीं। वहीं दूसरी बजट को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया है। आइए जानते है कि बजट पर किसने क्या् कहा है।


राहुल गांधी की आलोचना

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट की आलोचना करते हुए इसे "गोली के घाव पर मरहम पट्टी" बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "इस बजट में प्रतिमान बदलाव की जरूरत थी, लेकिन सरकार के पास विचारों की कमी है।" राहुल गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक संकट को हल करने के लिए विधान और दिशा में बदलाव की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार "विचारों के मामले में दिवालिया" हो चुकी है।


अखिलेश यादव का हमला

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "बजट के आंकड़ों से ज्यादा अहम हैं वो लोग जिनकी जान गई है।" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि "मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा सरकार देने में विफल रही है।" उन्होंने बजट को महाकुंभ से जोड़ते हुए यह भी कहा कि 12 साल बाद कुंभ आया है, लेकिन इस बार "खोया-पाया" केंद्र में बड़ी संख्या में लोग भटक रहे हैं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।


मायावती का बयान

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी लाखों भारतीयों का जीवन त्रस्त कर रहा है।" उन्होंने कहा, "इस सरकार का बजट कांग्रेस सरकार की तरह ही राजनीतिक स्वार्थ का अधिक है, जबकि आम जनता की समस्याओं का समाधान इसमें कम नजर आता है।"


मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया मुहावरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट पर "नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली" के मुहावरे से सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "देश बेरोजगारी और महंगाई के संकट से गुजर रहा है, जबकि सरकार झूठी तारीफों के पुल बांध रही है।" खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि "मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में मध्यम वर्ग से करोड़ों रुपये का टैक्स लिया है, और अब 12 लाख तक छूट दे रहे हैं।"


बजट पर विपक्ष का गुस्सा

विपक्षी नेताओं ने बजट को सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ का बजट बताया और कहा कि यह देश के आम नागरिक की वास्तविक समस्याओं से मुंह चुराता है। इन नेताओं का कहना था कि इस बजट में महंगाई, बेरोजगारी और गरीबों की बदहाली के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।