किसी ने गोली के घाव पर मरहम पट्टी बताया, तो किसी ने नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को, जानें अखिलेश से लेकर राहुल तक किसने बजट पर क्या कहा

Reaction Of Opposition Leaders On Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को केंद्रीय बजट 2025 पेश किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। बजट (Budget 2025) में करदाताओं को राहत, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और मूलभूत सुविधाओं के लिए योजनाएं शामिल थीं। वहीं दूसरी बजट को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला किया है। आइए जानते है कि बजट पर किसने क्या् कहा है।
राहुल गांधी की आलोचना
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बजट की आलोचना करते हुए इसे "गोली के घाव पर मरहम पट्टी" बताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "इस बजट में प्रतिमान बदलाव की जरूरत थी, लेकिन सरकार के पास विचारों की कमी है।" राहुल गांधी ने कहा कि देश के आर्थिक संकट को हल करने के लिए विधान और दिशा में बदलाव की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार "विचारों के मामले में दिवालिया" हो चुकी है।
A band-aid for bullet wounds!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2025
Amid global uncertainty, solving our economic crisis demanded a paradigm shift.
But this government is bankrupt of ideas.
अखिलेश यादव का हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "बजट के आंकड़ों से ज्यादा अहम हैं वो लोग जिनकी जान गई है।" उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि "मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा सरकार देने में विफल रही है।" उन्होंने बजट को महाकुंभ से जोड़ते हुए यह भी कहा कि 12 साल बाद कुंभ आया है, लेकिन इस बार "खोया-पाया" केंद्र में बड़ी संख्या में लोग भटक रहे हैं, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।
सरकार बजट के आँकड़े के साथ महाकुंभ में जान गँवानेवाले श्रद्धालुओं के आँकड़े दे। pic.twitter.com/H5gJi1CG4E
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 1, 2025
मायावती का बयान
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि "महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव आज भी लाखों भारतीयों का जीवन त्रस्त कर रहा है।" उन्होंने कहा, "इस सरकार का बजट कांग्रेस सरकार की तरह ही राजनीतिक स्वार्थ का अधिक है, जबकि आम जनता की समस्याओं का समाधान इसमें कम नजर आता है।"
1.देश में महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी की जबरदस्त मार के साथ ही सड़क, पानी, शिक्षा, सुख-शान्ति आदि की जरूरी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण लगभग 140 करोड़ की भारी जनसंख्या वाले भारत में लोगों का जीवन काफी त्रस्त है, जिसका केन्द्रीय बजट के माध्यम से भी निवारण होना जरूरी।
— Mayawati (@Mayawati) February 1, 2025
मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया मुहावरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बजट पर "नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली" के मुहावरे से सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "देश बेरोजगारी और महंगाई के संकट से गुजर रहा है, जबकि सरकार झूठी तारीफों के पुल बांध रही है।" खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि "मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में मध्यम वर्ग से करोड़ों रुपये का टैक्स लिया है, और अब 12 लाख तक छूट दे रहे हैं।"
एक मुहावरा इस बजट पर बिलकुल सटीक बैठता है - नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली !
— Mallikarjun Kharge (@kharge) February 1, 2025
पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने Middle Class से ₹54.18 लाख करोड़ का Income Tax वसूला है, और अब वह 12 लाख तक का जो exemption दे रहें हैं, उसके हिसाब से वित्त मंत्री खुद कह रहीं हैं कि साल में… pic.twitter.com/ONgQElyCB0
बजट पर विपक्ष का गुस्सा
विपक्षी नेताओं ने बजट को सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ का बजट बताया और कहा कि यह देश के आम नागरिक की वास्तविक समस्याओं से मुंह चुराता है। इन नेताओं का कहना था कि इस बजट में महंगाई, बेरोजगारी और गरीबों की बदहाली के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
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