अमेरिका का हूतियों पर करारा प्रहार: यमन में हवाई हमले, 1 की मौत, 15 घायल

US Airstrike : अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए यमन की राजधानी सना और उत्तरी प्रांत सादा में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इन हमलों में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। हूती नियंत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, सना के असर उपनगर में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
अमेरिका के हमले से सना में दहशत
यमन में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी सेना ने हूतियों के गढ़ माने जाने वाले उत्तरी प्रांत सादा पर भी हमला किया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, ये हमले हूतियों द्वारा उत्तरी लाल सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस हैरी एस. ट्रूमैन और मध्य इस्राइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर हमले के जवाब में किए गए।
इससे पहले अमेरिका ने राजधानी सना और उत्तर-पश्चिमी सादा शहर में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह संघर्ष अब और बदतर होता जाएगा और हूतियों को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। उन्होंने ईरान पर हूतियों को समर्थन देने का आरोप भी लगाया।
ईरान पर हूतियों की मदद करने का आरोप
हूति विद्रोही यमन के शिया जैदी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो 1962 तक लगभग 1000 वर्षों तक यमन पर शासन करता रहा। इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष के बाद हूतियों पर लाल सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हूतियों ने अब तक 100 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया, दो जहाजों को डुबो दिया और चार नाविकों की हत्या कर दी।
अमेरिका की सख्त चेतावनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि हूतियों को अमेरिका के हमलों में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने लिखा, "यह बराबरी की लड़ाई नहीं है और न कभी होगी। हम उन्हें पूरी तरह से तबाह कर देंगे।" साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह हूतियों को सैन्य आपूर्ति तुरंत बंद करे।
लाल सागर में बढ़ता तनाव
अमेरिका और हूतियों के बीच जारी इस टकराव से लाल सागर क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। हूतियों के हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। वहीं, अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि यदि हूतियों के हमले जारी रहे, तो और भी कड़े जवाबी हमले किए जाएंगे।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि यमन में संघर्ष और तेज होता जा रहा है। अमेरिका और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र पर पड़ सकता है।
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