Pope Francis Death : नहीं रहे ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस, 88 साल की उम्र में हुआ निधन

Pope Francis Death : ईसाई समुदाय के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का सोमवार को 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वैटिकन सिटी की ओर से उनके निधन की पुष्टि की गई है। लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे पोप फ्रांसिस को फरवरी 2025 में रोम के जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें डबल निमोनिया हो गया था और वे लंबे समय से फेफड़ों की समस्या से पीड़ित थे। वैटिकन द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि उन्होंने 21 अप्रैल, 2025 को ईस्टर मंडे के दिन वेटिकन स्थित कासा सैंटा मार्ता में अंतिम सांस ली।
स्वास्थ्य बिगड़ने की शुरुआत
पोप फ्रांसिस को अस्पताल में भर्ती कराने से पहले सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद पुष्टि की थी कि उन्हें निमोनिया है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती किया गया। इलाज के पश्चात उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई थी, लेकिन उनकी हालत पूरी तरह से सामान्य नहीं हो सकी और अंततः उन्होंने अपने निवास स्थान पर दम तोड़ दिया।
किशोरावस्था में गंवाया एक फेफड़ा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पोप फ्रांसिस का एक फेफड़ा किशोर अवस्था में ही एक संक्रमण के कारण निकाल दिया गया था। हालांकि कई अफवाहें थीं कि वे जन्म से ही एक फेफड़े के साथ थे, लेकिन वास्तव में वे सामान्य बच्चों की तरह दो फेफड़ों के साथ जन्मे थे। संक्रमण की गंभीरता के चलते युवावस्था में एक फेफड़ा हटाना पड़ा, जिसके बाद से वे केवल एक फेफड़े के सहारे जीवन व्यतीत कर रहे थे।
डबल निमोनिया ने बढ़ाई मुश्किलें
डॉक्टरों ने बताया कि पोप फ्रांसिस को डबल निमोनिया हुआ था, जिसका अर्थ है कि उनके दोनों फेफड़े संक्रमण की चपेट में थे। यह स्थिति अत्यंत गंभीर मानी जाती है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के पास पहले से केवल एक फेफड़ा हो।
निमोनिया के सामान्य लक्षण
निमोनिया एक श्वसन तंत्र की गंभीर बीमारी है, जिसमें रोगी को अत्यधिक खांसी, तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। कई बार यह खांसी बलगम के साथ या बिना बलगम के हो सकती है। यदि किसी को ऐसे लक्षण महसूस हों, तो शीघ्र ही डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
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