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SCO Summit: शहबाज शरीफ के सामने PM मोदी की दो टूक, ‘आतंकवाद किसी की रणनीतिक संपत्ति नहीं

SCO Summit

SCO Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत SCO के अन्य नेताओं की मौजूदगी में पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए एकजुट होकर कार्रवाई करने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के सामने गंभीर चुनौती बना हुआ है। ऐसे में आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाना देने वाले पूरे तंत्र को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति के साधन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं या आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।

शहबाज शरीफ की मौजूदगी में आया बड़ा बयान

प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय आया जब SCO सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। हालांकि पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसी देश का नाम लेकर सीधे तौर पर निशाना नहीं साधा, लेकिन आतंकवाद को नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल करने और आतंकियों को पनाह देने वाले देशों पर उनकी टिप्पणी को अहम माना जा रहा है।

पीएम मोदी ने SCO देशों से आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इस गंभीर चुनौती पर सभी देशों को एक आवाज में बात करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से दोहरे मानदंडों से बचने की जरूरत पर जोर दिया।

आतंक के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने पर जोर

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को केवल आतंकियों तक सीमित रखने के बजाय उसके पूरे इकोसिस्टम पर प्रहार करने की बात कही। इसमें आतंकवाद के लिए होने वाली फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को खत्म करना शामिल है।

भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एक समान और निर्णायक कार्रवाई की मांग करता रहा है। SCO जैसे क्षेत्रीय मंच पर पीएम मोदी का यह संदेश इसी नीति को आगे बढ़ाता नजर आया।

सुरक्षा के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी पर भी जोर

SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के अलावा क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने सदस्य देशों के बीच बाजार संपर्क और व्यापार को आसान बनाने की दिशा में सहयोग बढ़ाने की बात रखी।

पीएम मोदी ने क्षेत्रीय विकास के लिए कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण बताते हुए चाबहार बंदरगाह और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे माध्यमों के महत्व को भी रेखांकित किया। इसके साथ ही डिजिटल परिवर्तन, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी भारत ने जोर दिया।

भारत का स्पष्ट रुख- आतंकवाद पर समझौता नहीं

SCO मंच से पीएम मोदी का संदेश साफ था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देशों को चयनात्मक रवैया नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद को किसी भी देश के लिए रणनीतिक लाभ या नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की सोच को खारिज किया।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा पार हिंसा को लेकर SCO देशों के बीच सहयोग को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। सम्मेलन में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और बिना भेदभाव वाली कार्रवाई को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए जरूरी बताया।