ट्रम्प ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- भारत ने रूस से तेल आयात घटाकर मुझे खुश किया, वो जानते थे कि...

ट्रम्प ने कहा, “वे मुझे खुश करना चाहते थे। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया। हम भारत के साथ व्यापार करते हैं और जरूरत पड़ी तो टैरिफ भी बढ़ा सकते हैं।”
यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ा था रूसी तेल आयात
यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार बन गया था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद से यूक्रेन पर हो रहे हमलों को अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल रही है। इसी को लेकर ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया था।
चार साल बाद घटा रूसी तेल आयात
भारत ने वर्ष 2021 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल के आयात में कमी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर में भारत रूस से करीब 17.7 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात कर रहा था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। आने वाले महीनों में यह आंकड़ा 10 लाख बैरल प्रतिदिन से नीचे जाने की संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के आंकड़ों में रूसी तेल आयात में और गिरावट दिख सकती है। नवंबर 2021 से रूस की बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद भारत का आयात लगातार कम हो रहा है।
रूस ने घटाई छूट, फायदा कम हुआ
यूक्रेन युद्ध के बाद रूस भारत को 20 से 25 डॉलर प्रति बैरल तक सस्ता कच्चा तेल दे रहा था। उस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत करीब 130 डॉलर प्रति बैरल थी, जिससे भारत को बड़ा लाभ हुआ।
अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घटकर लगभग 63 डॉलर प्रति बैरल रह गई है। इसके साथ ही रूस ने छूट भी घटाकर 1.5 से 2 डॉलर प्रति बैरल कर दी है। कम छूट, ज्यादा शिपिंग और बीमा खर्च के कारण भारत को रूस से तेल खरीदने में पहले जैसा फायदा नहीं मिल रहा।
इसी वजह से भारत अब सऊदी अरब, यूएई और अमेरिका जैसे स्थिर और भरोसेमंद देशों से तेल आयात बढ़ा रहा है।
भारत पर अमेरिका का 50 फीसदी टैरिफ
अमेरिका अब तक भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ लगा चुका है। इसमें
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25% ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’
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25% रूस से तेल खरीदने पर लगाया गया अतिरिक्त टैरिफ
शामिल है। इसका असर भारतीय उत्पादों के अमेरिकी बाजार में निर्यात पर पड़ रहा है।
टैरिफ विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत जारी है। भारत चाहता है कि कुल टैरिफ को 50% से घटाकर 15% किया जाए और रूस से तेल खरीदने पर लगाए गए 25% अतिरिक्त पेनाल्टी टैरिफ को पूरी तरह खत्म किया जाए।
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