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तेहरान विश्वविद्यालय के छात्र की हत्या पर ईरान में हंगामा, उपराष्ट्रपति ने दिए जांच के आदेश

तेहरान विश्वविद्यालय के छात्र की हत्या पर ईरान में हंगामा, उपराष्ट्रपति ने दिए जांच के आदेश

तेहरान: ईरान के तेहरान विश्वविद्यालय के 19 वर्षीय छात्र आमिर मोहम्मद खालेगी की लूट के दौरान चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद देश में तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शनों के बाद ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने इस मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

डकैती के दौरान छात्र की हत्या


12 फरवरी को आमिर मोहम्मद खालेगी, जो बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के छात्र थे, को दो अज्ञात लुटेरों ने छात्रावास के सामने चाकू मार दिया और उनका बैग चुरा लिया। खालेगी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

घटना के एक दिन बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय के छात्रावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘शर्म करो’ के नारे लगाते हुए परिसर में अधिक सुरक्षा उपायों की मांग की। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में देखा गया कि कुछ समय के लिए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया। हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान उपराष्ट्रपति आरिफ ने सुरक्षा एजेंसियों को जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया।

ईरान में विरोध प्रदर्शनों का इतिहास

ईरानी विश्वविद्यालयों में विरोध का इतिहास पुराना है। 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद बड़े पैमाने पर विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन हुए थे। ये प्रदर्शन महिला, जीवन, स्वतंत्रता के नारे के साथ शुरू हुए थे, लेकिन बाद में सरकार के खिलाफ व्यापक विद्रोह में बदल गए। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण ये प्रदर्शन महीनों बाद थमे थे, जिसमें 500 से अधिक लोगों की जान गई और 22,000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए।

1999 में भी तेहरान में एक सुधारवादी समाचार पत्र को बंद करने के खिलाफ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें कई लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए थे।

इस ताजा घटना ने एक बार फिर ईरानी विश्वविद्यालय परिसरों में सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर बहस को हवा दे दी है।