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Chaina-US Tarrif War : ट्रंप की धमकी से भड़का चीन, अमेरिकी आयात पर जवाबी हमला शुरू

China-US Tariff War

Chaina-US Tarrif War : अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी वस्तुओं पर 34% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। ट्रंप के इस कदम से अब अमेरिका में चीनी आयातों पर कुल शुल्क 54% से अधिक हो जाएगा। इसके जवाब में चीन ने भी सभी अमेरिकी उत्पादों पर 34% का टैरिफ लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और गहरा गया है।

चीन का सख्त रुख: "हम अंत तक लड़ेंगे"

चीन ने ट्रंप की टैरिफ संबंधी धमकी को अनुचित और उकसावे वाला कदम करार दिया है। बीजिंग के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का यह निर्णय न केवल एकतरफा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के भी खिलाफ है। मंत्रालय ने साफ कहा कि चीन अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हरसंभव जवाबी कदम उठाएगा। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो चीन भी अंत तक डटा रहेगा।

ट्रंप के बयानों से बढ़ा तनाव

यह सारा घटनाक्रम ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद तेज हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर चीन 8 अप्रैल 2025 तक टैरिफ में की गई 34% की बढ़ोतरी को वापस नहीं लेता, तो अमेरिका 9 अप्रैल से 50% अतिरिक्त शुल्क लागू करेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इसके बाद चीन के साथ सभी व्यापारिक वार्ताएं भी रद्द कर दी जाएंगी। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता और अधिक गहराने लगी है।

दूसरे देशों पर भी असर: भारत समेत कई प्रभावित

ट्रंप प्रशासन ने केवल चीन ही नहीं, बल्कि भारत, वियतनाम, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय यूनियन पर भी भारी टैरिफ लागू करने की घोषणा की। भारत पर 26%, वियतनाम पर 46%, ताइवान पर 32%, जापान पर 24% और यूरोपीय यूनियन पर 20% का टैरिफ लगाया गया है। ट्रंप का दावा है कि ये देश अमेरिका पर भारी शुल्क लगाते हैं, इसलिए जवाबी कार्रवाई की जा रही है। इससे वैश्विक मंदी और महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं।

चीन की नई रणनीति: खुद को बना रहा वैश्विक नेतृत्व का केंद्र

इस व्यापार युद्ध को अवसर में बदलते हुए चीन खुद को एक भरोसेमंद आर्थिक भागीदार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता का संवाहक बताने की कोशिश कर रहा है। वह यह संदेश देना चाहता है कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों के विपरीत चीन व्यापार में स्थायित्व और पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अमेरिकी कंपनियों को साधने की कोशिश

चीन के वाणिज्य मंत्रालय के उप मंत्री लिंग जी ने टेस्ला और जीई हेल्थकेयर सहित 20 अमेरिकी निवेशकों से मुलाकात की और चीन को निवेश के लिए एक सुरक्षित और लाभदायक गंतव्य बताया। लिंग ने अमेरिकी कंपनियों से अपील की कि वे "तर्क की आवाज" बनें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने में मदद करें।

विशेषज्ञों की राय: चीन के लिए मौका

चीनी सरकारी मीडिया और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिका की आक्रामक व्यापार नीतियां चीन के लिए एक सुनहरा मौका हैं। चीन अब वैश्विक व्यापार जगत को यह दिखाना चाहता है कि वह न केवल एक मजबूत विकल्प है, बल्कि वैश्विक समृद्धि में योगदान देने वाला एक सशक्त राष्ट्र भी है।