40 पन्नों का सुसाइड नोट लिखकर AI इंजीनियर ने दी जान, जौनपुर की महिला जज पर भी लगाए आरोप, जानें पूरा मामला

जौनपुर। बेंगलुरु में एक 34 वर्षीय एआई इंजीनियर अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी, सास और जौनपुर की फैमिली कोर्ट की जज पर गंभीर आरोप लगाए। अतुल ने एक डेढ़ घंटे का वीडियो और 40 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनके पास आत्महत्या के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था।
जानें पूरा मामला
अतुल मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे और उनका शव बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट स्थित फ्लैट में फंदे से लटका मिला। उनके पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर शव बरामद किया। कमरे में "जस्टिस इज ड्यू" लिखा एक तख्ती मिली।
उन्होंने लिखा कि उनकी पत्नी और ससुराल वाले पैसों के लिए उन्हें प्रताड़ित करते थे। शादी के कुछ समय बाद उनकी पत्नी बेटे को लेकर घर छोड़कर चली गई और पैसों की भारी मांग करने लगी। अतुल ने बताया कि वे पहले से 40,000 रुपये महीना पत्नी को दे रहे थे, लेकिन वह 2-4 लाख रुपये महीना और मांगने लगी।
पत्नी पर लगाए आरोप
अतुल ने बताया कि उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज कराए, जिसमें दहेज उत्पीड़न, अप्राकृतिक यौनाचार, और पिता के मर्डर का आरोप शामिल है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उनके परिवार से 3 करोड़ रुपये की मांग की थी।
जौनपुर की महिला जज पर गंभीर आरोप
अतुल ने लिखा कि जौनपुर फैमिली कोर्ट की जज ने केस रफा-दफा करने के लिए 5 लाख रुपये मांगे थे। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने झूठे केस के कारण आत्महत्या के बारे में बताया, तो जज ने उन्हें कहा, "तुम आत्महत्या क्यों नहीं कर लेते?"
लेटर में राष्ट्रपति के नाम भी नोट लिखा
अतुल ने अपने सुसाइड नोट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित करते हुए देश के आपराधिक न्याय प्रणाली की खामियों और झूठे केस के ट्रेंड पर सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि इन झूठे केसों के कारण उनके माता-पिता और परिवार को परेशान किया जा रहा है।
अतुल के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पांच आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है। मामले ने देश में झूठे केस और न्याय प्रणाली की खामियों पर बहस छेड़ दी है।
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