Atul Subhash Suicide Case : जौनपुर पहुंची बेंगलुरु पुलिस टीम, बड़े कदम की संभावना, एसपी से मांगी गई फोर्स

Atul Subhash Suicide Case: बेंगलुरु से आई चार सदस्यीय पुलिस टीम ने आत्महत्या मामले में जांच के सिलसिले में जौनपुर में कोतवाली पुलिस के साथ बातचीत की। टीम ने शुक्रवार सुबह निकिता सिंघानिया के घर नोटिस की कार्रवाई करने की संभावना जताई है।
अतुल सुभाष की आत्महत्या से जुड़े मामले में बेंगलुरु पुलिस की टीम गुरुवार को जौनपुर पहुंची। टीम में तीन पुरुष और एक महिला एसआई शामिल हैं, जिसका नेतृत्व उप निरीक्षक रंजीत कुमार कर रहे हैं। टीम ने बाबतपुर एयरपोर्ट से जौनपुर कोतवाली थाने तक की यात्रा की। वहां स्थानीय पुलिस और क्षेत्रीय अधिकारी आयुष श्रीवास्तव के साथ लगभग दो घंटे तक चर्चा की गई।
जांच की दिशा और कोर्ट का आदेश
कोतवाल मिथिलेश मिश्र ने जानकारी दी कि टीम शुक्रवार सुबह कोर्ट में पेश होगी और मामले की विवेचना करेगी। कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि स्थानीय पुलिस फोर्स उपलब्ध करा दी गई है, लेकिन बेंगलुरु पुलिस की कार्रवाई की विस्तृत जानकारी उनके पास नहीं है।
अतुल सुभाष के वकील दिनेश मिश्रा ने बताया कि उनकी पत्नी निकिता ने उन पर दूसरी महिला से संबंध रखने और दहेज की मांग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। निकिता ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर इन आरोपों को साबित करने के प्रयास किए थे, जिससे अतुल तनाव में आ गए।
अतुल अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर परेशान थे और बेटे से मिलने की कोशिशों में नाकाम रहे। इन वजहों से वह मानसिक दबाव में आ गए और आत्महत्या कर ली।
विवाह और आरोपों का सिलसिला
अतुल सुभाष और निकिता सिंघानिया की शादी 26 अप्रैल 2019 को वाराणसी के एक होटल में हुई थी। अगस्त 2019 में निकिता के पिता मनोज सिंघानिया की बीमारी से मृत्यु हो गई। निकिता ने अतुल और उसके पिता पर 10 लाख रुपये की मांग का आरोप लगाया, जिससे उनके पिता सदमे में आ गए।
निकिता ने अतुल पर दूसरी महिला से संबंध होने का दावा भी किया और इसके समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए। कोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को अतुल को भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, जिसे अतुल ने चुनौती नहीं दी।
अब बेंगलुरु पुलिस कोर्ट के आदेश के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी और मामले में कानूनी कदम उठाएगी।
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