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बनवासी बच्चों के बीच पहुंचीं डॉ. रागिनी सोनकर : पाठशाला लगाकर नन्हें-मुन्नों को पढ़ाई अंग्रेजी, बोली विधायक नहीं दीदी बोलो...

बनवासी बच्चों के बीच पहुंचीं  डॉ. रागिनी सोनकर : पाठशाला लगाकर नन्हें-मुन्नों को पढ़ाई अंग्रेजी, बोली विधायक नहीं दीदी बोलो...

जौनपुर। मछलीशहर की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर (MLA Ragini Sonkar) ने समाज के सबसे पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से एक प्रेरणादायक पहल की। गुरुवार को वह भटहर गांव की बनवासी बस्ती में पहुंचीं और वहां के बच्चों और महिलाओं के साथ समय बिताया। विधायक ने न केवल बच्चों को नहलाकर नए कपड़े पहनाए, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य की नींव रखने का भी प्रयास किया।

बनवासी बच्चों के बीच पहुंचीं  डॉ. रागिनी सोनकर : पाठशाला लगाकर नन्हें-मुन्नों को पढ़ाई अंग्रेजी, बोली विधायक नहीं दीदी बोलो...

महिला सशक्तिकरण अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. रागिनी सोनकर ने लगभग 100 बच्चों को उनकी माताओं और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर नहलाया, ब्रश कराया, और अपने हाथों से नए कपड़े पहनाए। बच्चों को चप्पलें, स्कूल बैग, किताबें, पेंसिल और अन्य शैक्षिक सामग्री वितरित की गई। बच्चों के साथ पाठशाला लगाकर उन्होंने उन्हें अंग्रेजी भी पढ़ाई।

बनवासी बच्चों के बीच पहुंचीं  डॉ. रागिनी सोनकर : पाठशाला लगाकर नन्हें-मुन्नों को पढ़ाई अंग्रेजी, बोली विधायक नहीं दीदी बोलो...

इस दौरान विधायक ने बनवासी बस्ती की महिलाओं और बच्चों के साथ भोजन किया और उनके बीच आत्मीयता का संचार किया। उन्होंने कहा, "बनवासी समाज अत्यंत पिछड़ा है। इन्हें शिक्षित और सशक्त करने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। हर व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने आस-पास की बस्तियों में जाकर इन बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करे।" उन्होंने कहा कि मेरी विधायकी जन सेवा को समर्पित है और हमेशा रहेगी। इसीलिए मैं चिकित्सा के साथ-साथ राजनीति को चुनी हूं।

डॉ. सोनकर ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए नशा और शराब की लत छुड़ाने की बात कही। उन्होंने कहा, "यदि पतियों की नशे की आदतें खत्म होंगी, तो बच्चे भी बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे। नशा मुक्त परिवार ही समाज के विकास का आधार बन सकता है।"

कार्यक्रम में विधायक ने महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। बच्चों की शिक्षा और परिवार की खुशहाली में महिलाओं की भूमिका अहम होती है।

इस पहल से बनवासी बस्ती के लोगों में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ। विधायक का यह प्रयास दिखाता है कि सामाजिक बदलाव के लिए संवेदनशीलता और सक्रियता कितनी जरूरी है।