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Belav Ghat Double Murder Case : क्या है बेलाव घाट केस, जिसमें पूर्व सांसद धनंजय सिंह 15 साल बाद हुए बरी?

Dhanjay Singh

Belav Ghat Double Murder Case : उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के चर्चित बेलाव घाट दोहरे हत्याकांड में लगभग 15 साल बाद बड़ा फैसला सामने आया है। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) सहित चारों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में यह फैसला सुनाया, जिससे धनंजय सिंह और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली।

धनंजय सिंह ने जताया न्यायपालिका पर विश्वास

फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा कि वह पहले दिन से ही इस मामले में बेगुनाह थे और उन्हें एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया था। उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए न्यायपालिका पर विश्वास जताया।

क्या था मामला?

बेलाव घाट में हुए इस दोहरे हत्याकांड में धनंजय सिंह और उनके करीबी आशुतोष सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। तत्कालीन बसपा सांसद रहे धनंजय सिंह के खिलाफ पुलिस ने जांच के बाद आरोप पत्र दाखिल किया था।

गवाहों के बयान नहीं दे सके दमदार सबूत

इस केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 28 गवाहों को अदालत में पेश किया, लेकिन ज्यादातर गवाह अपने बयानों से पलट गए। साक्ष्यों की कमी और गवाहों के कमजोर पड़ने पर अदालत ने सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।

समर्थकों में खुशी की लहर

जैसे ही कोर्ट ने धनंजय सिंह को निर्दोष करार दिया, कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। समर्थकों ने नारे लगाते हुए फैसले का स्वागत किया और कहा कि देर से ही सही, लेकिन न्याय मिला।यह फैसला न सिर्फ धनंजय सिंह के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किसी भी केस में साक्ष्य और गवाह कितने अहम होते हैं।