1. Home
  2. जौनपुर

पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कॅालेज प्रबंधकों ने परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन, आंतरिक मूल्यांकन की उठाई मांग

...,

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के प्रबंधकों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा। प्रबंधकों ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लघु शोध प्रबंध (डिसर्टेशन) का मूल्यांकन आंतरिक परीक्षकों से कराए जाने की मांग की। साथ ही कुछ बाह्य परीक्षकों पर छात्रों और महाविद्यालयों के आर्थिक शोषण का आरोप भी लगाया।

स्ववित्तपोषित पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रबंधक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. दिनेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में प्रबंधकों का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह से मिला और अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

डिसर्टेशन मूल्यांकन को लेकर उठाई आपत्ति

प्रबंधकों ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत सत्र 2025-26 में एमए, एमएससी और एमकॉम द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए डिसर्टेशन (लघु शोध प्रबंध) का मूल्यांकन बाह्य परीक्षकों से कराने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष यह मूल्यांकन आंतरिक परीक्षकों द्वारा कराया गया था। ऐसे में इस बार व्यवस्था बदलने से महाविद्यालयों और छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

बाह्य परीक्षकों पर लगाए गंभीर आरोप

प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि लगभग 40 प्रतिशत बाह्य परीक्षक परीक्षा प्रक्रिया के दौरान आर्थिक शोषण करते हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि ऐसे मामलों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

प्रबंधकों का कहना है कि जो परीक्षक छात्रहित को प्राथमिकता देते हैं, वे ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं होते, लेकिन कुछ लोगों की वजह से पूरी व्यवस्था प्रभावित होती है।

छात्रहित में निर्णय लेने की मांग

महासंघ ने तर्क दिया कि कई विश्वविद्यालयों में विषम सेमेस्टर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं बाह्य परीक्षकों से और सम सेमेस्टर की परीक्षाएं आंतरिक परीक्षकों से कराई जाती हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में भी इसी व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए।

परीक्षा नियंत्रक ने दिया आश्वासन

परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर कुलपति से चर्चा कर जल्द निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो निर्णय छात्रहित और विश्वविद्यालय हित में होगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

आंदोलन की चेतावनी

प्रबंधक महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबद्ध महाविद्यालय प्रायोगिक परीक्षाएं आयोजित नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर शासन स्तर पर शिकायत की जाएगी और आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।

इस दौरान डॉ. ज्ञान प्रकाश पाठक, कमलेश यादव भानु, अमित पांडेय, पिंटू चौबे, प्रदीप पांडेय, रामदरस यादव, दिनेश यादव, प्रभाकर तिवारी, अभिनव यादव, रत्नेश तिवारी, राजकुमार मौर्य, सुधीर यादव, जयप्रकाश सिंह, शिव कुमार, अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय प्रबंधक उपस्थित रहे।