Jaunpur : एक साथ उठी दादा-पोती की अर्थी, पूर्व सांसद के करीबी की गाड़ी ने मारी टक्कर

जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र स्थित बोधापुर गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मंगलवार की शाम रायबरेली राजमार्ग पर घर के सामने ही हुई इस घटना में बाइक सवार परमानंद मिश्र (60) और उनकी 13 वर्षीय पोती महक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दूसरी पोती परी (8) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका इलाज वाराणसी के ट्रामा सेंटर में जारी है।
इस दुखद हादसे के बाद अब यह मामला सियासी तूल पकड़ने लगा है। जिस काली स्कॉर्पियो (UP32 ML 9777) से यह दुर्घटना हुई, वह किसी आम व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूर्व सांसद धनंजय सिंह के करीबी की बताई जा रही है। यही नहीं, मृतक परमानंद मिश्र का परिवार भी धनंजय सिंह का नजदीकी बताया जा रहा है।

एक साथ उठीं दो अर्थियां, रो पड़ा बोधापुर
बुधवार को जब पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव गांव पहुंचे तो गांव का माहौल पूरी तरह शोक में डूब गया। दादा और पोती के एक साथ घर लौटने की यह आखिरी यात्रा थी। घर से एक साथ दो अर्थियां उठीं तो हर आंख नम हो गई। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा और हर कोई इस हादसे की भयावहता को लेकर स्तब्ध था।
हादसे के बाद पहुंचा सियासी काफिला
बुधवार को बोधापुर पहुंचे पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और संवेदना जताई। उन्होंने मृतक के बेटे कंचन मिश्र और अन्य परिजनों को ढांढस बंधाया और भरोसा दिया कि वह इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हैं, लेकिन संवेदना जताने पहुंचे पूर्व सांसद खुद भी सवालों के घेरे में आ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना में शामिल स्कॉर्पियो गाड़ी उन्हीं की सिफारिश से किसी करीबी के पास थी, और यही गाड़ी अब दो मौतों का कारण बन गई है।
गाड़ी नंबर से हुआ खुलासा, पुलिस जांच में तेजी
घटना के बाद जब पुलिस ने स्कॉर्पियो का नंबर ट्रेस किया तो वह निकला — UP32 ML 9777। यह नंबर जौनपुर की उन गाड़ियों की सीरीज में शामिल है जो अक्सर पूर्व सांसद धनंजय सिंह या उनके करीबियों के पास देखी जाती हैं। हादसे के बाद पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस पर धनंजय सिंह ने सफाई दी कि "गाड़ी मेरे एक परिचित की है, दुर्भाग्यवश हादसा हो गया। मृतक परिवार भी मेरे करीबी हैं, और मैं हर संभव मदद करूंगा।" लेकिन उनकी यह सफाई लोगों को संतुष्ट नहीं कर सकी।
मासूम परी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई परी (8) को तुरंत वाराणसी ट्रामा सेंटर ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक, उसकी हालत में अब थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
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