Jaunpur : धर्मापुर ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अधर में लटका, 2 मत अवैध घोषित

जौनपुर। धर्मापुर ब्लॉक प्रमुख विमलेश यादव के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव फिलहाल अधर में लटक गया है। बुधवार को हुई वोटिंग में कुल 31 मत डाले गए, जिनमें से 29 मत प्रस्ताव के पक्ष में जबकि दो मत अवैध घोषित कर दिए गए। मतों की स्थिति को देखते हुए अंतिम निर्णय अब जिलाधिकारी द्वारा लिया जाएगा।
अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई के दौरान ब्लॉक कार्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, सीओ सदर परमानंद कुशवाहा, सीओ प्रतिमा वर्मा, एसडीएम केराकत सुनील कुमार समेत कई थानों की फोर्स तैनात रही।

45 मिनट की बंद कमरे में चली बैठक, लेकिन नहीं निकला नतीजा
मतदान के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की बंद कमरे में करीब 45 मिनट लंबी बैठक हुई, परंतु दो मतों के अवैध घोषित हो जाने के कारण नतीजे को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। एसडीएम सदर पवन कुमार सिंह ने बताया कि मतदान की पूरी जानकारी जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को भेज दी गई है। फाइनल निर्णय वहीं से जारी होगा।
पहले भी टली थी बैठक
गौरतलब है कि ब्लॉक प्रमुख विमलेश यादव के खिलाफ वार्ड संख्या 37 की क्षेत्र पंचायत सदस्य नीलम पाल ने 20 जनवरी को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे 30 से अधिक निर्वाचित सदस्यों का समर्थन प्राप्त था। पहले यह बैठक 19 मार्च को निर्धारित थी, परंतु एसडीएम की तबीयत खराब होने और कुछ सदस्यों को नोटिस समय पर न मिलने की वजह से बैठक स्थगित कर दी गई थी। बाद में यह तय हुआ कि बैठक 9 अप्रैल को आयोजित की जाएगी।
अब क्या होगा आगे?
29 वोट प्रस्ताव के समर्थन में पड़े हैं, परंतु प्रक्रिया के तहत मतों की वैधता अहम है। यदि अवैध माने गए मतों को छोड़कर 29 का आंकड़ा आवश्यक बहुमत में आता है, तो ब्लॉक प्रमुख पद से हटाए जा सकते हैं। अंतिम निर्णय जिलाधिकारी स्तर से आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
.webp)
