अब लेटर नहीं, मेल और मैसेज का दौर है, इसलिए युवाओं के लिए तकनीकी ज्ञान अनिवार्य- डॉ. वंदना सिंह

जौनपुर। करंजाकला क्षेत्र के दहीरपुर नाला स्थित सोशल स्टडी प्वाइंट ऑफ आईटी एंड मैनेजमेंट में आकांक्षा और अमित ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरक सेमिनार का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज से डॉ. वंदना सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीकी दक्षता किसी भी व्यक्ति की सफलता की कुंजी बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तकनीक ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका स्थापित कर ली है—चाहे वह शिक्षा हो, रोजगार हो या दैनिक जीवन के कार्य। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीकी शिक्षा को अपनाकर खुद को आत्मनिर्भर बनाएं और समाज में योगदान देने वाले नागरिक बनें। उन्होंने कहा, "यह युग मेल और मैसेज का है, लेटर का नहीं। बिना तकनीकी जानकारी के व्यक्ति आधुनिक युग में अशिक्षित के समान है।"
शिक्षा का उद्देश्य दूसरों को भी शिक्षित करना: चंद्रेश कुमार यादव
विशिष्ट अतिथि के रूप में मां वैष्णो कॉलेज के शिक्षक चंद्रेश कुमार यादव ने छात्रों को लक्ष्य के साथ अध्ययन करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, "शिक्षा केवल खुद के लिए नहीं, समाज के लिए भी होनी चाहिए। यह एक ऐसा धन है जो जितना अधिक बांटा जाए, उतना ही बढ़ता है।"
छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए विचार और रचनाएं
कार्यक्रम में सोनाली पाठक ने ‘नारी आओ, बोलो अब तो घूंघट खोलो’ कविता के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। वहीं अमित और मोनी ने शिक्षा व्यवस्था पर, आदर्श ने जल संरक्षण पर और आकांक्षा ने ग्लोबल वार्मिंग व पर्यावरण संकट पर अपने विचार साझा किए।

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