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लैलतुल कद्र की रात में मस्जिदों में हुई खत्म कुरआन की महफ़िल, हाफिज और इमामों का हुआ सम्मान

लैलतुल कद्र की रात में मस्जिदों में हुई खत्म कुरआन की महफ़िल, हाफिज और इमामों का हुआ सम्मान

जौनपुर। रमज़ान (Ramadan) की 27वीं रात, जिसे लैलतुल कद्र कहा जाता है, में नगर की विभिन्न मस्जिदों में खतम कुरआन की महफ़िल आयोजित की गई। तरावीह की नमाज के बाद इस पवित्र अवसर पर इमामों ने इस रात की फज़ीलत और कुरआन की अहमियत पर रौशनी डाली।

लैलतुल कद्र की रात में मस्जिदों में हुई खत्म कुरआन की महफ़िल, हाफिज और इमामों का हुआ सम्मान

शाही जामा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद ज़ाकिर, जामा मस्जिद सलारगंज में हाफिज मोहम्मद आसिफ, चकिया बारा खुर्द में मौलाना साजिद, जामा मस्जिद बारा खुर्द में हाफिज आमिल रजा, बरतला जामा मस्जिद में हाफिज कैफ, नूरी मस्जिद चौहट्टा में कारी मेराज, चौराहा मस्जिद में हाफिज मोहम्मद फैजान और छोटी मस्जिद सालारगंज में हाफिज मोहम्मद जीशान ने तरावीह की नमाज में खतम कुरआन मुकम्मल किया। इस मौके पर सभी हाफिज और मस्जिदों के इमामों को फूलों से सम्मानित किया गया।

लैलतुल कद्र की रात में मस्जिदों में हुई खत्म कुरआन की महफ़िल, हाफिज और इमामों का हुआ सम्मान

शाही जामा मस्जिद में आयोजित कार्यक्रम में मौलाना मोहम्मद खालिद मिसबाही ने लैलतुल कद्र की रात की विशेषता बताते हुए कहा कि इस रात की इबादत हजार महीनों की इबादत से अधिक सवाब रखती है। उन्होंने कहा कि इस रात कुरआन की तिलावत और खतम कुरआन की महफ़िल में शामिल होना भी इबादत का हिस्सा है। उन्होंने मुल्क में अमन, शांति और सलामती के लिए विशेष दुआ भी कराई।

लैलतुल कद्र की रात में मस्जिदों में हुई खत्म कुरआन की महफ़िल, हाफिज और इमामों का हुआ सम्मान

इस अवसर पर प्रमुख रूप से हाफिज शफीकुल कादरी, मस्जिद के मुतवल्ली सैयद ताहिर, मोहम्मद अस्लम खा, मोहम्मद रज़ा खा, हाजी निसार इराकी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।