जौनपुर: कब्रिस्तान में शिवलिंग खंडित करने की अफवाह पर मचा बवाल, पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

जौनपुर। कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला-टोला मोहल्ले में कब्रिस्तान के बीच स्थित शिवलिंग को खंडित करने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन सतर्क हो गया। पुलिस ने इस अफवाह को झूठा बताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना है कि शिवलिंग अपनी सही स्थिति में है।
हिंदू पक्ष की मंदिर निर्माण की मांग
हिंदू समुदाय के लोगों ने शुक्रवार को कोतवाली थाने का घेराव कर शिवलिंग को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर बनाने की मांग की। रतन मौर्य ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व शिवलिंग को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि यह शिवलिंग ऐतिहासिक है, और उनके पूर्वजों से इसकी पूजा-अर्चना होती आई है।
रतन मौर्य ने बताया कि पहले यहां एक विशाल पीपल का पेड़ था, जिसके नीचे लोग गणेश और राधा-कृष्ण की मूर्तियों की पूजा करते थे। लगभग 28 साल पहले जब पेड़ सूखकर गिर गया, तो उसके नीचे से यह शिवलिंग निकला।
मुस्लिम पक्ष ने सौहार्द बिगाड़ने का लगाया आरोप
मुल्ला-टोला मोहल्ले के मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया कि अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। पूर्व सभासद फैसल यासीन ने कहा कि 2016 में पीपल का पेड़ गिरने के बाद वहां शिवलिंग रखा गया था। उन्होंने बताया कि पहले यहां छोटे पत्थरों की पूजा होती थी। इस मुद्दे पर डीएम के समक्ष दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था।
घटना के बाद सिटी मजिस्ट्रेट इंद्रनंदन सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। उन्होंने बताया कि यहां पहले मंदिर और पीपल का पेड़ हुआ करता था, लेकिन अब शिवलिंग खुले में है। सतर्कता के लिए प्रकाश व्यवस्था, अस्थायी कैमरे, और पीएसी बल तैनात कर दिए गए हैं।
एडिशनल एसपी सिटी अरविंद वर्मा ने कहा कि शिवलिंग को खंडित करने की खबर गलत है। वहां पूजा में कोई बाधा नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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