उड़ाका दल पर हमला: शिक्षक संघ और कॉलेज प्रबंधन में आरोप-प्रत्यारोप, विश्वविद्यालय प्रशासन की कड़ी कार्रवाई की तैयारी

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के उद्देश्य से तैनात उड़ाका दल के सदस्यों के साथ हुए मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को परीक्षा की प्रथम पाली के दौरान श्री राम लखन सिंह शिक्षण संस्थान, नकहरा खानदेव, सिगरामऊ में हुए इस विवाद के बाद शिक्षक संघ और कॉलेज प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उड़ाका दल पर हमले की घटना
घटना के अनुसार, उड़ाका दल के संयोजक डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. राजेश कुमार सिंह और डॉ. किरण यादव परीक्षा केंद्र पर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा में तैनात कर्मचारियों से उनकी आईडी दिखाने को कहा, जिससे विवाद शुरू हो गया। देखते-देखते यह कहासुनी हाथापाई में बदल गई। डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि कॉलेज कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
शिक्षक संघ ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. राहुल सिंह, पूर्व अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप सिंह और अन्य शिक्षक नेताओं ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि परीक्षा में नकल कराई जा रही थी, जिसका विरोध करने पर उड़ाका दल के साथ मारपीट हुई। शिक्षक संघ ने मांग की कि संबंधित परीक्षा केंद्र को तत्काल रद्द किया जाए और कॉलेज कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
कुलपति ने शिक्षक संघ को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा से भी मुलाकात की और घटना की शिकायत दर्ज कराई।
कॉलेज प्रबंधन ने उड़ाका दल पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
दूसरी ओर, श्री राम लखन सिंह शिक्षण संस्थान के प्रबंधक मानसिंह ने उड़ाका दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उड़ाका दल के सदस्य परीक्षा के दौरान छात्रों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे थे और कॉलेज कर्मचारियों से दुर्व्यवहार कर रहे थे। प्रबंधक का दावा है कि उड़ाका दल के सदस्य पैसे की मांग कर रहे थे और न देने पर उनके लिपिक के साथ मारपीट की।
कॉलेज प्रबंधन ने उड़ाका दल के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। प्रबंधक ने यह भी बताया कि 12 दिसंबर को प्रबंधक संघ विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन करेगा और उड़ाका दल के दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएगा।
मामले ने पकड़ा तूल, शिक्षक संघ ने उड़ाका दल का समर्थन किया
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल है। शिक्षक संघ ने इसे उड़ाका दल पर जानलेवा हमला बताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. निलेश कुमार सिंह ने कुलपति को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि मारपीट करने वाले कॉलेज कर्मियों और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. जेपी सिंह और अन्य सदस्यों ने कहा कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए तैनात उड़ाका दल के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार विश्वविद्यालय की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो शिक्षक संघ व्यापक आंदोलन करेगा।
घटनाक्रम पर विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख
कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगा। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने भी घटना की निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया।
आरोप-प्रत्यारोप और समाधान की राह
इस घटना ने परीक्षा प्रणाली और नकल विरोधी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े किए हैं। जहां एक ओर शिक्षक संघ उड़ाका दल के सदस्यों के साथ हुई मारपीट को गंभीर घटना मान रहा है, वहीं दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन उड़ाका दल के रवैये पर सवाल उठा रहा है।
मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आएगा। यह सुनिश्चित करना विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि नकल रोकने की प्रक्रिया निष्पक्ष और अनुशासित आगे की कार्रवाई और संभावनाएं
विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद है। शिक्षक संघ ने साफ कर दिया है कि वह उड़ाका दल के सदस्यों की सुरक्षा और सम्मान के लिए हरसंभव कदम उठाएगा। दूसरी ओर, कॉलेज प्रबंधन ने भी अपनी आवाज उठाने के लिए प्रबंधक संघ के साथ धरना प्रदर्शन की तैयारी कर ली है।
यह घटना परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सबक हो सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि वह दोनों पक्षों की बात सुनते हुए सही निष्कर्ष पर पहुंचे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
.webp)
