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अगर आप भी खाते है इडली तो हो जाएं सावधान, हो सकता है कैंसर!सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट


इडली (Idli) और डोसा भारतीय भोजन का एक अहम हिस्सा हैं, खासकर दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इनकी लोकप्रियता सबसे अधिक है। भारत के हर शहर में आपको इडली-सांभर के स्टॉल या रेस्टोरेंट मिल जाएंगे, लेकिन अगर आप भी नियमित रूप से इडली का सेवन करते हैं, तो अब आपको सतर्क होने की जरूरत है। हाल ही में बैंगलुरु के फूड सेफ्टी विभाग द्वारा की गई एक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है – इडली के बैटर में कैंसरकारी रसायन पाए गए हैं।

इडली बैटर में मिलावट का पर्दाफाश

स्वास्थ्य विभाग ने कई स्ट्रीट वेंडर्स, होटल और रेस्टोरेंट से इडली के बैटर के सैंपल लिए थे। जांच के लिए 500 से अधिक सैंपल भेजे गए, जिनमें से 35 से ज्यादा फेल पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, इडली बनाने में खराब गुणवत्ता वाले चावल और उड़द दाल का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें मिलावट पाई गई है।

इसके अलावा, इडली को अधिक सफेद दिखाने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और हानिकारक केमिकल्स मिलाए जा रहे हैं। ये सिंथेटिक पदार्थ शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं और लंबे समय तक सेवन करने से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

इडली में कैंसरकारी तत्वों की पहचान

जांच में यह भी सामने आया कि पहले इडली बनाने के लिए सूती कपड़े का उपयोग किया जाता था, लेकिन अब प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल बढ़ गया है।

  • इडली को प्लास्टिक की थैलियों में पैक कर बेचा जा रहा है, जो गर्म होने पर हानिकारक रसायन छोड़ती हैं।
  • इन जहरीले केमिकल्स के लगातार सेवन से कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

प्लास्टिक के संपर्क से बढ़ रहा कैंसर का खतरा

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद इडली खाने वालों में चिंता बढ़ गई है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक केमिकल्स और प्लास्टिक के संपर्क में रहना कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।

अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो बाहर की इडली खाने से बचें और घर पर शुद्ध और प्राकृतिक सामग्री से बनी इडली का ही सेवन करें। साथ ही, प्लास्टिक को अपने किचन और घर से पूरी तरह हटाने की आदत डालें।