सच्चे आंसुओं का सैलाब...महाकुंभ भगदड़ में लापता लोगों को लेकर अखिलेश यादव ने एक बार फिर योगी सरकार को घेरा, राष्ट्रपति से की यह खास अपील

Akhilesh Yadav News : समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज में महाकुंभ हादसे (Mahakumbh Stampede) में लापता लोगों को लेकर एक बार फिर योगी सरकार पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन से पहले, अखिलेश यादव ने एक विडियो साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति अपने लापता पिता की तलाश में भटकता नजर आ रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे पीड़ितों की आवाज को दबाने की कोशिश न की जाए।
पिता को खोज रहे अशोक पटेल का दर्द
सपा अध्यक्ष द्वारा साझा किए गए वीडियो में, मध्य प्रदेश के अशोक पटेल अपने बुजुर्ग पिता तिजई पटेल को खोजते हुए दिखाई दे रहे हैं। अशोक का कहना है कि उनके पिता 29 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान के लिए प्रयागराज आए थे, लेकिन तब से उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।
अशोक पटेल वीडियो में रोते हुए बताते हैं कि उन्होंने अस्पतालों, शव गृहों और प्रशासनिक कार्यालयों में अपने पिता को तलाशने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा
इस भावुक वीडियो के साथ अखिलेश यादव ने लिखा,"सच्चे आँसुओं का सैलाब, अहंकार के हिमालय को भी बहा ले जा सकता है। सत्ता का दंभ इसके आगे कुछ भी नहीं है। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनकी व्यथा सुनने के लिए अब केवल महामहिम से ही उम्मीद बची है।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार इस दुखद घटना की सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है और उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान प्रशासन ऐसे लोगों को अपनी आवाज उठाने से नहीं रोकेगा।
संसद में भी उठाया मामला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहले भी महाकुंभ हादसे को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने संसद में भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर मरने वालों की संख्या छिपाने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि अब भी प्रयागराज में कई लोग अपने लापता परिजनों को खोजने में भटक रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का प्रयागराज दौरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 10 फरवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी। वह महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाएंगी और इसके बाद अक्षय वट तथा हनुमान मंदिर के दर्शन करेंगी।
राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मेला प्रशासन ने महामहिम के दौरे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की है। उनका दौरा लगभग पांच घंटे का होगा।
अब देखना होगा कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान, प्रशासन महाकुंभ हादसे के पीड़ितों की आवाज को सुनेगा या नहीं।
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