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Mahakumbh 2025: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार, ट्रैक पर खड़े होकर किया जमकर हंगामा

Mahakumbh 2025: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार, ट्रैक पर खड़े होकर किया जमकर हंगामा

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन, रेलवे की तैयारियां इस भीड़ के आगे नाकाफी साबित हो रही हैं। रायबरेली सहित कई रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि ट्रेनों की रफ्तार थम गई। कई यात्री ट्रेन में चढ़ने के लिए घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन बोगियों के दरवाजे अंदर से बंद होने के कारण वे चढ़ नहीं सके। नाराज श्रद्धालुओं ने ट्रैक पर खड़े होकर विरोध जताया, जिससे ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया।

बोगियों के दरवाजे न खुलने से श्रद्धालु हुए आक्रोशित

रविवार रात को लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस जब रायबरेली पहुंची, तो उसमें पहले से ही कोई जगह नहीं थी। यात्री ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन बोगियों के दरवाजे अंदर से बंद थे। ट्रेन करीब 10 मिनट रुकी और फिर आगे बढ़ गई, जिससे स्टेशन पर इंतजार कर रहे श्रद्धालु नाराज हो गए।

रात 10:30 बजे आलमनगर-प्रयागराज महाकुंभ स्पेशल ट्रेन भी डेढ़ घंटे की देरी से आई। इसमें भी जगह नहीं थी, जिससे यात्रियों की भीड़ इंजन के आगे ट्रैक पर खड़ी हो गई। ट्रेन को आगे बढ़ने से रोक दिया गया, जिससे रेलवे प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं।

आरपीएफ ने संभाला मोर्चा, यात्रियों को बिठाकर ट्रेन रवाना की

स्थिति बिगड़ते देख रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को समझाने की कोशिश की और किसी तरह ट्रेन के दरवाजे खुलवाकर कुछ यात्रियों को अंदर बिठाया गया। इसके बाद करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेन रवाना हो सकी।

महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें भी हुईं लेट

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और अव्यवस्थाओं के कारण आलमनगर-फाफामऊ महाकुंभ स्पेशल ट्रेन साढ़े पांच घंटे देरी से पहुंची। इसी तरह भटिंडा-फाफामऊ स्पेशल ट्रेन ढाई घंटे और फाफामऊ-कटरा स्पेशल पौने दो घंटे विलंब से चली। फिरोजपुर-फाफामऊ स्पेशल भी पौने तीन घंटे की देरी से गुजरी।

भीड़ के कारण ट्रेनों को देर तक रोका गया

स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या इतनी ज्यादा थी कि ट्रेनों को देर तक रोका गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को चढ़ाया जा सके। आरपीएफ प्रभारी आलोक मौर्य ने कहा कि बोगियों के गेट न खुलने से यात्री परेशान थे, लेकिन किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया गया और स्थिति को संभाल लिया गया।

अगले स्नानों के लिए प्रशासन अलर्ट

महाकुंभ में आगे आने वाले मौनी अमावस्या (7 फरवरी) और बसंत पंचमी (12 फरवरी) के शाही स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है। रेलवे प्रशासन यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने में जुटा है, ताकि आने वाले दिनों में अव्यवस्था न हो।