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76th Republic Day 2025 Parade : कर्तव्य पथ पर दिखा भारत का स्वर्णिम इतिहास, UP की झांकी ने मोहा मन, नभ से लेकर धरती तक दिखा सैन्य का शौर्य

76th Republic Day 2025 Parade : कर्तव्य पथ पर दिखा भारत का स्वर्णिम इतिहास, UP की झांकी ने मोहा मन, नभ से लेकर धरती तक दिखा सैन्य का शौर्य

76th Republic Day 2025 Parade : 76वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कर्तव्य पथ पर धव्जारोहण किया। झंडारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने ध्वज को सलामी दी। इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो रहे। धव्जापोहण के बाद कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड (76th Republic Day 2025 Parade) का शुभारंभ हुआ, जिसमें भारत की उपलब्धियों और प्रगति को प्रदर्शित किया गया। इस दौरान नभ से लेकर धरती तक सेना का शौर्य देखने को मिला और कई राज्यों की झांकियों ने मोहित किया।

76th Republic Day 2025 Parade: यूपी की झांकी ने किया मोहित


इस दौरान उत्तर प्रदेश प्रयागराज में जारी महाकुंभ महोत्सव की झांकी ने सभी का ध्यान खींचा। उत्तर प्रदेश की भव्य प्रस्तुति में समुद्र मंथन और कलश से निकलने वाले अमृत का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। झांकी में देवताओं और असुरों के मंथन के दृश्य को बेहद सजीव रूप में दर्शाया गया। इसके साथ ही ऋषि-मुनियों की सुंदर प्रतिमाएं भी झांकी का हिस्सा रहीं। उत्सव के दौरान कलाकार शंख बजाते हुए अपनी प्रस्तुति से माहौल को और भी जीवंत बना रहे थे।

झांकी में दिखा स्वदेशी शक्ति और परंपरा

DRDO की झांकी: रक्षा कवच का प्रदर्शन

डीआरडीओ की झांकी ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की क्षमताओं को उजागर किया। वहीं, भारतीय तटरक्षक बल की झांकी ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और प्रगति’ विषय पर आधारित रही, जिसमें तटीय सुरक्षा और समुद्री खोज एवं बचाव कार्यों पर प्रकाश डाला गया।

भारतीय नौसेना: समुद्री शक्ति का प्रदर्शन

नौसेना की झांकी ने आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के तहत समुद्री क्षेत्र में भारत की ताकत और दूरगामी क्षमताओं को प्रस्तुत किया।

जनजातीय गौरव की झलक

सामाजिक न्याय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय की झांकी ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ पर आधारित रही। इसमें महान आदिवासी नेता भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी गई और उनकी 150वीं जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव वर्ष की झलक प्रस्तुत की गई।

अन्य राज्यों की झांकियां

  • पंजाब: इसमें कृषि प्रधानता और फुलकारी हस्तकला का प्रदर्शन हुआ।
  • हरियाणा: खेल शक्ति और महिला सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • गोवा: राज्य की प्राचीन विरासत और आधुनिक सांस्कृतिक धरोहर को दिखाया गया।

सैन्य ताकत का प्रदर्शन

कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका रॉकेट लॉन्चर, बीएम-21 अग्निबाण और आकाश हथियार प्रणाली जैसे स्वदेशी रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत विकसित क्विक रिएक्शन फोर्स व्हीकल 'नंदीघोष' और 'त्रिपुरांतक' को भी प्रदर्शित किया गया।

विशेष प्रदर्शन और सांस्कृतिक झलकियां

चेतक और कपिध्वज वाहनों की ताकत

ऑल-टेरेन व्हीकल 'चेतक' और स्पेशलिस्ट मोबिलिटी व्हीकल 'कपिध्वज' ने अपनी उन्नत क्षमताओं को प्रदर्शित किया। इसके अलावा, लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल 'बजरंग', व्हीकल माउंटेड इन्फैंट्री मोर्टार सिस्टम और 'ऐरावत' को भी दिखाया गया।

61 कैवलरी की झलक

परेड में 61 कैवलरी रेजिमेंट, जो दुनिया की एकमात्र सक्रिय घुड़सवार सेना है, ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद मुख्य युद्धक टैंक 'टी-90 भीष्म' और 'नाग मिसाइल प्रणाली' को प्रस्तुत किया गया।

इंडोनेशियाई सैन्य बैंड की भागीदारी

इंडोनेशियाई सैन्य अकादमी के 190 सदस्यीय बैंड और 152 सैनिकों की मार्चिंग टुकड़ी ने परेड की शोभा बढ़ाई।

संस्कृति मंत्रालय का अनूठा प्रदर्शन

300 कलाकारों के समूह ने स्वदेशी वाद्ययंत्रों की धुनों से परेड का शुभारंभ किया। यह समूह संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित किया गया था और इसमें वायु तथा ताल वाद्यों का संगम दिखा।

इस तरह, गणतंत्र दिवस परेड ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, स्वदेशी क्षमताओं और राष्ट्रीय गौरव को भव्यता से प्रस्तुत किया।