मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हवाई यात्रा महंगी, एयर इंडिया के बाद Indigo ने भी लगाया फ्यूल सरचार्ज

एयरलाइन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 14 मार्च से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर यह अतिरिक्त शुल्क लागू किया जाएगा। यह सरचार्ज रूट और दूरी के आधार पर अलग-अलग होगा। रिपोर्ट के अनुसार यात्रियों को करीब 425 रुपये से लेकर 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
क्यों बढ़े फ्लाइट टिकट के दाम
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसका सीधा असर एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमत पर पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार एयरलाइंस के कुल संचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियों के खर्च में भारी बढ़ोतरी हो जाती है। इसी अतिरिक्त लागत को संतुलित करने के लिए एयरलाइंस टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाती हैं।
एयरलाइंस पर बढ़ रहा आर्थिक दबाव
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। इससे जेट फ्यूल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और एयरलाइंस के लिए उड़ानों का संचालन महंगा हो गया है।
कई एयरलाइंस को सुरक्षा कारणों से अपने कुछ रूट बदलने पड़े हैं, जिससे उड़ानों की दूरी और संचालन लागत दोनों बढ़ गई हैं। यही वजह है कि कई भारतीय एयरलाइंस सरकार से टैक्स में राहत और अन्य सहायता की मांग भी कर रही हैं।
इंडिगो से पहले Air India भी टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने का ऐलान कर चुकी है। माना जा रहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह का कदम उठा सकती हैं।
यात्रियों पर पड़ेगा असर
फ्यूल सरचार्ज लागू होने के बाद आने वाले दिनों में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है। खासकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
हालांकि एयरलाइंस का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत के चलते यह फैसला मजबूरी में लिया गया है। यदि भविष्य में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति सामान्य होती है तो इन शुल्कों की समीक्षा भी की जा सकती है।
.webp)
