Caste Census : मोदी कैबिनेट मीटिंग में बड़ा फैसला, जाति जनगणना कराएगी केंद्र सरकार, किसानों को लेकर भी हुआ ये ऐलान

Modi Govt On caste census: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि सरकार ने जाति आधारित जनगणना को आगामी जनगणना में शामिल करने का फैसला किया है। इसके अलावा किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी बड़े फैसलों पर मुहर लगी।
जाति जनगणना को मिली हरी झंडी
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब तक स्वतंत्रता के बाद से जाति आधारित जनगणना नहीं हुई है। कांग्रेस ने केवल जातीय सर्वेक्षण कराए, वह भी राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से। लेकिन मोदी सरकार ने इसे मुख्य जनगणना का हिस्सा बनाते हुए आधिकारिक जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने जाति की जनगणना को केवल वोट बैंक की राजनीति तक सीमित रखा, जबकि हमारी सरकार इसे समावेशी विकास के लिए जरूरी मानती है।”
गन्ना किसानों को राहत, FRP में बढ़ोतरी
केंद्र ने गन्ना किसानों के लिए राहत की घोषणा करते हुए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़ा दिया है।
अब 2025-26 सीजन के लिए गन्ने की कीमत ₹355 प्रति क्विंटल तय की गई है। यह वह न्यूनतम दर है, जिसके नीचे किसी भी स्थिति में गन्ना नहीं खरीदा जा सकता।
शिलॉन्ग-सिलचर हाईवे को मिली मंजूरी
बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए सरकार ने पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाली एक बड़ी सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी है।
शिलॉन्ग से सिलचर के बीच बनने वाला यह 166.8 किलोमीटर लंबा फोर लेन हाईवे मेघालय और असम को आपस में जोड़ेगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की अनुमानित लागत ₹22,864 करोड़ है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाएगी बल्कि पूर्वोत्तर के विकास को भी नई गति देगी।
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