धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: 'देश को AI के बाद HI की जरूरत'

रामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुत्व और एकता पर जोर देते हुए देश को "आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI)" के साथ "हिंदुत्व इंटेलीजेंस (HI)" की जरूरत बताई।
HI का मतलब समझाया
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुत्व इंटेलीजेंस (HI) को तीन रूपों में परिभाषित किया:
- इंटेलिजेंट हिंदू - शिक्षित और जागरूक हिंदू।
- बिजनेसमैन हिंदू - आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर हिंदू।
- यूनिटी में हिंदू - जाति-पंथ से ऊपर उठकर एकजुट हिंदू।
कट्टर हिंदू बनाने की अपील
शास्त्री ने माता-पिता से अपने बच्चों को "कट्टर हिंदू" बनाने की अपील की और कहा कि जब तक हिंदू एकजुट नहीं होंगे, तब तक हिंदुस्तान "विश्वगुरु" नहीं बन सकता। उन्होंने चेताया कि जातिगत बंटवारा देश को कमजोर कर सकता है।
सोते हुए हिंदुओं को जगाने की जरूरत
शास्त्री ने कहा, "हिंदू यदि जागे होते तो न प्रवचन की जरूरत होती और न ही हिंदू नेताओं की।" उन्होंने कहा कि एकता में शक्ति है, और यदि हिंदू एक रहेंगे, तो देश विरोधी ताकतों को भागना पड़ेगा।
परिवर्तन का उदाहरण
उन्होंने नए साल पर मंदिरों में बढ़ी भीड़ का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत के बदलते स्वरूप का संकेत है। जहां पहले युवा गोवा और मनाली में जश्न मनाते थे, वहीं अब वे मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं।
हिंदुत्व की नई परिभाषा
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुत्व को धर्म-मजहब से ऊपर बताते हुए इसे "जीवन जीने की आचार संहिता" करार दिया। उन्होंने कहा, "हिंदुस्तान में सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है, बाकी सभी मजहब हैं।"
कार्यक्रम के दौरान शास्त्री ने लगभग 40 मिनट तक हिंदुत्व और राष्ट्रीय एकता पर केंद्रित प्रवचन दिया।
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