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बंगाल में हिंदू...वक्फ़ कानून पर बोली ममता बनर्जी, BJP पर लगाए गंभीर आरोप

Mamata

Murshidabad Violence : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून में बदलाव को लेकर भड़की हिंसा के बाद क्षेत्र में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह हिंसा एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

ममता बनर्जी ने विपक्ष पर लगाए गुमराह करने के आरोप

मुख्यमंत्री ने कहा, “हम सर्वधर्म समभाव में विश्वास करते हैं। मैंने स्वामी विवेकानंद और रामकृष्ण परमहंस के विचारों को अपनाया है। बंगाल की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।” उन्होंने कहा कि विपक्ष खासकर भाजपा झूठे प्रचार के जरिये राज्य में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 10 प्रमुख बयान:

ममता ने कहा कि यदि तृणमूल कांग्रेस हिंसा में शामिल होती, तो खुद पार्टी नेताओं के घरों पर हमले नहीं होते। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों की पुरानी हिंसक घटनाओं के वीडियो को बंगाल का बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वक्फ कानून को लेकर कुछ इलाकों में मामूली गड़बड़ी थी, लेकिन इसे जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। ममता बनर्जी ने मीडिया के एक वर्ग को बीजेपी का समर्थक बताते हुए कहा कि ऐसे चैनल बंगाल को बदनाम करने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम के बीच तनाव फैलाना है, जिसे राज्य सरकार सफल नहीं होने देगी। ममता ने दोहराया कि संसद में वक्फ कानून के खिलाफ सबसे मजबूती से आवाज़ उनकी पार्टी TMC ने ही उठाई थी।

उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि अगर बाहरी तत्व राज्य में घुसपैठ कर रहे हैं, तो उनकी जिम्मेदारी कौन लेगा? मुख्यमंत्री ने कहा कि वक्फ संपत्ति में केवल मुसलमान ही नहीं, हिंदू भी रहते हैं, और इस मसले को सांप्रदायिक रंग देना गलत है।

उन्होंने केंद्र से पूछा कि अगर वक्फ एक्ट में संशोधन जरूरी था, तो फिर संविधान में बदलाव क्यों नहीं किया गया? ममता बनर्जी ने देश की एकता पर जोर देते हुए कहा, “हमें धर्मों के बीच खाई नहीं, सेतु बनाना है। देश को तोड़ने की नहीं, जोड़ने की ज़रूरत है।”

केंद्र पर उठाए गंभीर सवाल

ममता बनर्जी ने कहा कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति राज्य में आकर माहौल बिगाड़ता है, तो इसकी ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार की बनती है। उन्होंने बांग्लादेश से कथित साजिश की खबरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी सुरक्षा केंद्र के अंतर्गत आती है, ऐसे में दोषारोपण से बचा नहीं जा सकता।

ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए

अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके सहयोगी शहनाज़ खान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में सभी धर्मों के लोगों ने एक साथ मिलकर भाग लिया था, और आज भी इसी भावना की ज़रूरत है।