अगर निकाल सकते है लंगूर की आवाज तो दिल्ली विधानसभा में जॅाब पक्की! सैलरी के साथ मिलेगा बीमा कवरेज भी

दरअसल, दिल्ली विधानसभा परिसर में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। आए दिन बंदरों के परिसर में घुस आने से कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसी समस्या से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन ने एक खास योजना तैयार की है।
खत्म हुआ पुराना कॉन्ट्रैक्ट, जारी हुआ नया टेंडर
अधिकारियों के मुताबिक, पहले लंगूर की आवाज की नकल करने वाले कर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन उनका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो चुका है। अब एक बार फिर ऐसे प्रशिक्षित लोगों की नियुक्ति के लिए नया टेंडर जारी किया गया है।
योजना के तहत कार्यदिवसों और शनिवार को प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की जाएगी। हर व्यक्ति को आठ घंटे की ड्यूटी करनी होगी, जिसे शिफ्टों में बांटा जाएगा। संबंधित एजेंसी यह भी सुनिश्चित करेगी कि तैनाती के दौरान सभी जरूरी उपकरण, अनुशासन और सुरक्षा मानकों का पालन हो।
लंगूर के कटआउट हुए बेअसर
एक अधिकारी ने बताया कि पहले विधानसभा परिसर में लंगूर के कटआउट लगाने की योजना अपनाई गई थी, लेकिन अब बंदर उनसे डरते नहीं हैं। उलटे कई बार बंदर उन कटआउट्स के ऊपर बैठ जाते हैं। इसी वजह से अब वास्तविक लंगूर की आवाज की नकल कर सकने वाले प्रशिक्षित लोगों को तैनात करने का फैसला लिया गया है।
बीमा और प्रदर्शन आधारित निगरानी की व्यवस्था
अधिकारियों के अनुसार, तैनात कर्मियों के लिए प्रदर्शन-आधारित निगरानी के साथ-साथ बीमा कवरेज की भी व्यवस्था की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में एक बंदर विधानसभा सदन के भीतर घुस आया था, जिससे सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों से जुड़ी चर्चा बाधित हो गई थी।
दिल्ली के कई इलाकों में बंदरों का आतंक
गौरतलब है कि दिल्ली के कई इलाकों में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं। कई जगहों पर लोगों ने अपने घरों और छतों पर लंगूर के कटआउट तक लगा रखे हैं, ताकि बंदर डरकर पास न आएं। अब देखना होगा कि लंगूर की आवाज की यह नई रणनीति बंदरों पर कितनी कारगर साबित होती है।
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