TMC में अंदरूनी कलह! सांसद काकोली घोष समेत कई नेताओं ने दिया इस्तीफा, स्पीकर और CM शुभेंदु अधिकारी से मिले

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव 2026 में मिली हार के बाद All India Trinamool Congress के भीतर अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई नेताओं के इस्तीफे और बागी विधायकों की लगातार बैठकों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इस्तीफा देने वालों में लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार, अरूप चक्रवर्ती और सुशांत घोष शामिल हैं। इन इस्तीफों ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
काकोली घोष ने जताई नाराजगी
टीएमसी नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह सांसद बनी रहेंगी।
हाल के दिनों में वह पार्टी के कई अहम कार्यक्रमों से दूर रहीं और पार्टी के आंतरिक कामकाज को लेकर असंतोष भी जाहिर किया। काकोली घोष टीएमसी में लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं और पार्टी की महिला इकाई की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
नेतृत्व की नाराजगी के बावजूद बैठक में पहुंचीं
बताया जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व की आपत्तियों के बावजूद काकोली घोष ने मंगलवार को हुई प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लिया था। इस बैठक की अध्यक्षता सुवेंदु अधिकारी ने की थी। इसके बाद से ही उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं।
स्पीकर से मुलाकात ने बढ़ाई चर्चाएं
इस्तीफों से पहले राज्य की राजनीति उस समय और गरमा गई, जब टीएमसी के दो वरिष्ठ विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधानसभा अध्यक्ष Rathindra Bose से मुलाकात की।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हुई कि बंद कमरे में हुई इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या आने वाले दिनों में टीएमसी के कुछ और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
‘शिष्टाचार भेंट’ या बड़ा सियासी संकेत?
हालांकि आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को ‘शिष्टाचार भेंट’ बताया गया है, लेकिन इसकी टाइमिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात दिल्ली स्थित पुराने ‘बंग भवन’ में ऋतब्रत बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी की कथित गुप्त बैठक के कुछ दिनों बाद हुई।
अब राजनीतिक विश्लेषक इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं। आने वाले दिनों में टीएमसी के भीतर और हलचल देखने को मिल सकती है।
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