सिंधु जल संधि पर केंद्र के फैसले को लेकर जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, कहा- कभी भी...

श्रीनगर। केंद्र सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान सामने आया है। उन्होंने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य ने कभी भी इस संधि का समर्थन नहीं किया था, क्योंकि यह राज्य के लोगों के हितों के विपरीत रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भारत सरकार ने जो कदम उठाए हैं, हम उनका समर्थन करते हैं। सिंधु जल संधि हमारे लिए हमेशा से अन्यायपूर्ण रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाल ही में आतंकवादी हमला हुआ, लेकिन हम सुनिश्चित करेंगे कि इस मुद्दे पर जो भी कार्यवाही ज़रूरी है, उस पर अमल किया जाए।”
उमर अब्दुल्ला ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर केंद्रीय गृहमंत्री से सीधी बात की है। “गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। जल्द ही गृह मंत्रालय की ओर से एक एडवाइजरी भी जारी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि, गृहमंत्री ने इस सिलसिले में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कश्मीरी छात्रों और लोगों के उत्पीड़न पर जताई चिंता
हालिया पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पर कश्मीरी युवाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के वीडियो सामने आए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार उन राज्यों की सरकारों के संपर्क में है जहां से इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मैं अपने समकक्ष मुख्यमंत्रियों से लगातार संपर्क में हूं और उनसे आग्रह किया है कि वे सतर्कता बरतें ताकि किसी निर्दोष कश्मीरी को निशाना न बनाया जाए।”
यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार की उस पोस्ट के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने उमर अब्दुल्ला से हस्तक्षेप की अपील की थी।
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