कुंभ स्नान के लिए मां को घर में कैद कर गया बेटा, भूख से मजबूर होकर खाने लगी प्लास्टिक! फिर..

झारखंड के रामगढ़ जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपनी बीमार मां को घर में बंद कर दिया और खाने के नाम पर सिर्फ चूड़ा (पोहा) छोड़कर कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज चला गया। जब मां का खाना खत्म हो गया, तो भूख से बेहाल होकर उन्होंने प्लास्टिक चबाना शुरू कर दिया।
बेटे ने मां को अकेला छोड़ किया प्रयागराज रवाना
घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र के सीसीएल अरगड्डा स्थित सुभाष नगर कॉलोनी की है। अखिलेश कुमार, जो सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) में कार्यरत है, अपनी बीमार और वृद्ध मां संजू देवी को घर में अकेला छोड़कर पत्नी, बच्चों, सास-ससुर के साथ कुंभ स्नान के लिए प्रयागराज चला गया।
- जाने से पहले उसने घर के बाहर से ताला लगा दिया ताकि संजू देवी बाहर न निकल सकें।
- खाने के नाम पर सिर्फ चूड़ा (पोहा) छोड़कर चला गया।
- जब चूड़ा खत्म हो गया, तो संजू देवी ने प्लास्टिक चबाकर भूख मिटाने की कोशिश की।
पड़ोसियों ने सुनी रोने की आवाज, फिर हुआ रेस्क्यू
बुधवार को जब पड़ोसियों ने घर के अंदर से संजू देवी के रोने की आवाज सुनी, तो उन्होंने परिजनों को सूचना दी। बेटी चांदनी कुमारी मौके पर पहुंचीं और पड़ोसियों व पुलिस की मदद से दरवाजा खुलवाया। संजू देवी को सीसीएल नई सराय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने बचाया
रामगढ़ एसडीपीओ रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। पुलिस ने संजू देवी को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ ने इसे पारिवारिक और सामाजिक नैतिकता से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
इस घटना ने समाज में बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उदासीनता और संवेदनहीनता को उजागर किया है। कुंभ स्नान के लिए मां को भूख से तड़पने के लिए छोड़ देना अमानवीयता की पराकाष्ठा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पारिवारिक मूल्यों की कीमत पर धार्मिक आस्था को प्राथमिकता देना सही है?
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