Monsoon : तय समय से 8 दिन पहले केरल में मानसून की एंट्री, दिल्ली-UP समेत इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देश में इस साल मानसून (Mansoon) तय समय से करीब एक हफ्ता पहले दस्तक देने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण भारत में मानसून अगले 24 घंटे के भीतर प्रवेश कर सकता है। बीते चार दिनों से यह महज 40-50 किलोमीटर दूर ठहरा हुआ था, लेकिन शुक्रवार, 23 मई को इसमें आगे बढ़ने की रफ्तार आई।
केरल में मानसून की यह समय से पहले आमद बीते 16 वर्षों में सबसे जल्दी मानी जा रही है। सामान्यतः मानसून 1 जून को राज्य में पहुंचता है, लेकिन इस बार यह 23 मई को ही पहुंच सकता है। इससे पहले इतनी जल्दी मानसून 2001 और 2009 में आया था।
बारिश के लिए अनुकूल हो चुकी हैं परिस्थितियां
राज्य में मानसून के आगमन के लिए सभी जरूरी मौसमी स्थितियां बन चुकी हैं। बीते दो दिनों से केरल के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। यह बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और समुद्र में बने कम दबाव के कारण हो रही है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के अनुसार, शनिवार 24 मई को केरल, तटीय और दक्षिण कर्नाटक, कोंकण और गोवा के विभिन्न इलाकों में मूसलधार बारिश हो सकती है। केरल और तटीय कर्नाटक में 29 मई तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान हवाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में भी आने वाले पांच दिनों तक रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
महाराष्ट्र और गोवा में रेड अलर्ट
महाराष्ट्र के तटीय जिलों में शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की आशंका है।
वहीं गोवा में भी मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश को देखते हुए रविवार तक रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य सरकार ने लोगों से नदियों और जलप्रपातों के आसपास न जाने की अपील की है, क्योंकि बीते 24 घंटों में यहां व्यापक वर्षा दर्ज की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम
आईएमडी के ताज़ा अपडेट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 5:40 बजे दक्षिण दिल्ली और एनसीआर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। राजधानी क्षेत्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इतिहास में कब जल्दी और कब देरी से आया मानसून?
केरल में मानसून की औसतन शुरुआत 1 जून को होती है। लेकिन 1918 में यह सबसे जल्दी 11 मई को पहुंचा था। वहीं, 1972 में यह सबसे ज्यादा देरी से 18 जून को आया था। पिछले 25 वर्षों में सबसे विलंब से मानसून वर्ष 2016 में आया था, जब 9 जून को इसकी एंट्री हुई थी।
देश के दक्षिणी हिस्से इस बार मानसून की पहली बारिश से जल्दी ही भीगने वाले हैं। यह जल्दी दस्तक न केवल राहत की खबर है, बल्कि गर्मी से बेहाल लोगों के लिए बड़ी राहत भी लेकर आएगी। साथ ही, किसानों के लिए भी यह एक शुभ संकेत है, जो खरीफ की फसलों की बुआई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे थे।
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