1. Home
  2. राष्ट्रीय

Nagpur Violence : साजिश या अफवाह...नागपुर में क्यों भड़की हिंसा? कैसे देखते ही देखते जल उठा शहर

Nagpur Violence : साजिश या अफवाह...नागपुर में क्यों भड़की हिंसा? कैसे देखते ही देखते जल उठा शहर

Nagpur Violence : नागपुर में सोमवार को हिंसा भड़क (Nagpur Violence) गई जब औरंगजेब की कब्र ( (Aurangzeb tomb controversy) को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान एक धर्मग्रंथ जलाने की अफवाह फैली। इस दौरान पथराव में तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल नौ लोग घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। घटना के बाद शहर के कई इलाकों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया।

Nagpur Violence : कई इलाकों में कर्फ्यू, 15 लोग गिरफ्तार

नागपुर पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल ने बताया कि शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरा नगर और कपिल नगर पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू किया गया है, जो अगले आदेश तक जारी रहेगा। हिंसा (Nagpur Violence) के सिलसिले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिसकर्मियों पर पथराव, अधिकारी घायल

पथराव के दौरान पुलिस उपायुक्त निकेतन कदम गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। सबसे अधिक प्रभावित इलाके चिटनिस पार्क और शुक्रवारी तालाब रोड बताए जा रहे हैं, जहां उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और घरों पर पत्थरबाजी की।

कैसे शुरू हुई हिंसा?

पुलिस के मुताबिक, हिंसा उस समय शुरू हुई जब बजरंग दल के सदस्यों ने महल इलाके में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। इसी बीच अफवाह फैली कि प्रदर्शन के दौरान एक धर्मग्रंथ को जलाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के कारण मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया।

इसके बाद, गणेशपेठ थाने में कथित धर्मग्रंथ जलाने की शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग महल इलाके में जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और अतिरिक्त बल तैनात किए।

पुलिस पर हमले, हिंसा में उग्रता

चिटनिस पार्क इलाके में जब पुलिस गश्त कर रही थी, तब उपद्रवियों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और उपद्रवियों को खदेड़ा। हंसपुरी इलाके में भी दंगाइयों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, पथराव किया और वाहनों में आग लगा दी।

बजरंग दल का इनकार

बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ औरंगजेब का पुतला जलाया था, धर्मग्रंथ जलाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), दंगा नियंत्रण पुलिस और राज्य रिजर्व पुलिस बल (SRPF) को तैनात किया गया है। पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर हिंसा में शामिल 50 लोगों को गिरफ्तार किया है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां की आपबीती

  • हंसपुरी इलाके के एक चश्मदीद ने बताया कि नकाबपोश उपद्रवी हाथों में धारदार हथियार, लाठी और बोतलें लेकर आए और दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी।
  • महल इलाके में एक स्थानीय निवासी ने बताया कि भीड़ ने उनकी कार को आग के हवाले कर दिया और 25-30 अन्य वाहनों में भी तोड़फोड़ की।
  • एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उपद्रवी घरों पर भी पत्थर बरसा रहे थे, यहां तक कि बच्चों को भी निशाना बनाया गया।

मुख्यमंत्री और गडकरी की शांति की अपील

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि "पुलिस स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए काम कर रही है, और प्रशासन हरसंभव कदम उठा रहा है।"

नागपुर से सांसद नितिन गडकरी ने भी नागरिकों से प्रशासन के साथ सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "नागपुर हमेशा शांति का गढ़ रहा है, कृपया किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और सड़कों पर न उतरें।"

नागपुर में सोमवार को हुई हिंसा के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है।