ओल्ड राजिंदर नगर हादसा: तीन UPSC अभ्यर्थियों की मौत मामले में राऊ आईएएस के पूर्व सीईओ को मिली जमानत

नई दिल्ली: जुलाई 2024 में दिल्ली के ओल्ड राजिंदर नगर में हुए दर्दनाक हादसे में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में डूबने से तीन UPSC अभ्यर्थियों की मौत हो गई थी। इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने राऊ आईएएस स्टडी सर्किल के पूर्व सीईओ अभिषेक गुप्ता और समन्वयक देशपाल सिंह को नियमित जमानत दे दी है।
अदालत ने दी आरोपियों को जमानत
इससे पहले आरोपी अंतरिम जमानत पर थे, लेकिन अब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी बॉन्ड और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर जमानत दे दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा, "आरोपी/आवेदक अभिषेक गुप्ता और देशपाल सिंह को निचली अदालत की संतुष्टि के लिए एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर नियमित जमानत दी जाती है।"
कैसे हुआ था हादसा?
27 जुलाई 2024 को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद ओल्ड राजिंदर नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था। इस दौरान UPSC की तैयारी कर रहे तीन अभ्यर्थी—उत्तर प्रदेश की श्रेया यादव (25), तेलंगाना की तान्या सोनी (25) और केरल के नेविन डेल्विन (24)—बेसमेंट में फंस गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
CBI ने की थी जांच, कई पर लापरवाही का आरोप
इस हादसे के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले की जांच की और स्थानीय प्रशासन, कोचिंग सेंटर के मालिकों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लापरवाही, कर्तव्य की अवहेलना और भ्रष्ट आचरण से संबंधित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया। CBI ने पाया कि बेसमेंट में जलभराव के बाद वहां से पानी निकालने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी, जिससे यह दर्दनाक घटना घटी।
अभी भी जारी है जांच
हालांकि, अदालत से मिली जमानत के बावजूद मामले की जांच अभी भी जारी है। पीड़ित परिवार और छात्र समुदाय इस घटना को लेकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और क्या दोषियों को सजा मिलती है या नहीं।
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