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स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पर पथराव: कुंभ स्नान के लिए जा रही भीड़ ने किया हंगामा, तोड़े ट्रेन के शीशे

स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पर पथराव: कुंभ स्नान के लिए जा रही भीड़ ने किया हंगामा, तोड़े ट्रेन के शीशे

मधुबनी: जयनगर से नई दिल्ली जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पर मधुबनी रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ ने पथराव कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब प्रयागराज कुंभ स्नान के लिए जा रहे यात्री ट्रेन में सवार होने के लिए संघर्ष कर रहे थे। अंदर पहले से मौजूद यात्रियों ने जब दरवाजे बंद कर दिए, तो प्लेटफॉर्म पर खड़े लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया।

कैसे हुआ विवाद?

सोमवार को जब स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस मधुबनी स्टेशन पर पहुंची, तो प्लेटफॉर्म पर हजारों की संख्या में यात्री पहले से मौजूद थे। अधिकतर यात्री प्रयागराज कुंभ मेले में स्नान के लिए जा रहे थे। भारी भीड़ के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हो रही थी। अंदर बैठे यात्रियों ने अपनी सुरक्षा के लिए गेट बंद कर लिए, जिससे बाहर खड़े यात्री चढ़ नहीं सके।

इसी बीच ट्रेन खुल गई, जिससे कुंभ स्नान के लिए जा रहे यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई। गुस्साए यात्रियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे ट्रेन की कई बोगियों के शीशे टूट गए।

टूटे शीशे, रुकी ट्रेन

पथराव में एसी बोगी सहित कई डिब्बों के शीशे चकनाचूर हो गए। हालांकि, इस घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। बाद में जब ट्रेन समस्तीपुर स्टेशन पहुंची, तो टूटे शीशों की मरम्मत की गई। इस वजह से ट्रेन करीब 45 मिनट तक समस्तीपुर स्टेशन पर रुकी रही।

रेलवे प्रशासन का बयान

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन पर पथराव की घटना बेहद अप्रिय और असुरक्षित थी। उन्होंने यात्रियों से संयम बरतने की अपील की और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का भरोसा दिलाया।

यात्रियों की परेशानी

कुंभ मेले के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ट्रेन में जगह न मिलने की वजह से यात्री नाराज हो जाते हैं और कभी-कभी हंगामे की स्थिति पैदा हो जाती है। रेलवे प्रशासन से इस भीड़ को नियंत्रित करने और अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था करने की मांग की जा रही है।

क्या होगी अगली कार्रवाई?

रेलवे पुलिस (RPF) और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मौजूदगी बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।