गुरमीत राम रहीम को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, डेरा मैनेजर हत्याकांड में बरी होने पर CBI की आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह और चार अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस 2002 में डेरे के पूर्व मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में जारी हुआ है। इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मई 2024 में इन सभी आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।
पीड़ित परिवार की याचिका पर पहले जारी हुआ था नोटिस
पीड़ित परिवार ने भी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर जस्टिस बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली बेंच ने पहले ही नोटिस जारी कर दिया था। अब चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने सीबीआई की याचिका को भी जस्टिस बेला त्रिवेदी की बेंच को भेज दिया है, जिससे दोनों याचिकाओं पर संयुक्त रूप से सुनवाई होगी।
उम्रकैद की सजा के बाद हाई कोर्ट से मिली राहत
10 जुलाई 2002 को रंजीत सिंह की हत्या हरियाणा के कुरुक्षेत्र के खानपुर कोलियान गांव में हुई थी। अक्टूबर 2021 में पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम और चार अन्य आरोपियों—अवतार सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह और सबदिल सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, 28 मई 2024 को हाई कोर्ट ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए सभी को बरी कर दिया।
रंजीत सिंह की हत्या का कारण
सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, गुरमीत राम रहीम ने अपने डेरे में महिलाओं के यौन शोषण के खिलाफ लिखी गई गुमनाम चिट्ठी का दोष रंजीत सिंह पर लगाया। शक के आधार पर रंजीत सिंह की हत्या करवा दी गई।
अन्य मामलों में भी दोषी है राम रहीम
गुरमीत राम रहीम को 2017 में दो महिला शिष्यों से बलात्कार के आरोप में 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी 2019 में उसे उम्रकैद की सजा दी गई थी।
सीबीआई की अपील के बाद उम्मीद
अब सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई और पीड़ित परिवार की याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट का क्या रुख होता है।
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